मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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बालाघाट में कुएं की जहरीली गैस से दो किसानों की मौत
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। यहाँ किरनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दहेदी के पीपरटोला में कुएं के भीतर मौजूद जहरीली गैस के प्रभाव से 2 लोगों की मृत्यु हो गई है। यह घटना उस समय हुई जब किसान अपने खेत में सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले मोटर पंप को ठीक करने के लिए कुएं में उतरे थे। राज्य में पिछले 6 दिनों के भीतर ऐसी घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है, जो ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
मोटर पंप की मरम्मत बनी जानलेवा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में किसान अपने खेतों में धान की रोपाई के कार्य में जुटे हुए हैं। फसलों की सिंचाई के लिए उन्हें पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है, जिसके कारण वे कुओं में लगे मोटर पंप का सहारा लेते हैं। जब मोटर पंप अचानक खराब हो गया, तो 45 वर्षीय महेश भारत लाल चौधरी और 55 वर्षीय युवराज चंदन लाल बिसेन उसे सुधारने के लिए कुएं के अंदर उतरे। कुएं के भीतर मीथेन गैस का स्तर अधिक होने के कारण, दोनों ही किसान उसकी चपेट में आ गए और देखते ही देखते उनका दम घुट गया। अंततः वे पानी में गिर गए और उनकी जान चली गई।
एसडीईआरएफ टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही किरनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। পরিস্থিতি की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट से एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम को तुरंत सहायता के लिए बुलाया गया। अंधेरे और चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद रेस्क्यू टीम ने देर रात लगभग 10 बजे काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को कुएं से बाहर निकाला। शवों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आज पूरी की जाएगी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण सदमे में हैं।
तीन दिन में तीसरी ऐसी हृदयविदारक घटना
बालाघाट जिले में बीते 3 दिनों के भीतर यह तीसरी ऐसी घटना है जिसमें कुएं की जहरीली गैस के कारण मौतें हुई हैं। इन घटनाओं में अब तक कुल 4 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2 अन्य लोग घायल हुए हैं। इससे पहले भरवेली थाना क्षेत्र के मरारी टोला में भी एक किसान अशोक मरार की मृत्यु हो गई थी और उनके भतीजे सहित 2 लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा, किरनापुर थाना क्षेत्र में ही एक अन्य घटना में एक महिला की मौत होने का मामला भी सामने आया था। मैहर जिले के खरमसेड़ा गांव में भी लगभग 6 दिन पहले इसी तरह की जहरीली गैस की त्रासदी देखने को मिली थी। किसानों का बिना सुरक्षा जांच के कुओं के अंदर उतरना लगातार खतरनाक साबित हो रहा है।
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