हरियाणा
एक घंटा पहले
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हरियाणा और चंडीगढ़ में झमाझम बारिश की तैयारी
मानसून ने दस्तक दे दी है और इसके साथ ही हरियाणा का मौसम पूरी तरह से बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए मानसून की विशेष मेहरबानी का पूर्वानुमान जताया है। राज्य के कई इलाकों में आज व्यापक स्तर पर बारिश होने की पूरी संभावना है। गुरुग्राम में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है, जिसके चलते एक्सप्रेसवे और शहर के मुख्य चौराहों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। फरीदाबाद में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अंबाला और उत्तरी हरियाणा के विभिन्न जिलों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी
मौसम विभाग ने बारिश से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के निवासियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक है:
- घर के अंदर रहें और यथासंभव सुरक्षित आश्रय का उपयोग करें।
- खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि बाहर की हवा और पानी से बचाव हो सके।
- खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से बचें।
- पेड़ों के नीचे शरण लेने की गलती बिल्कुल न करें।
- कंक्रीट की फर्श पर लेटने या कंक्रीट की दीवारों से सटकर खड़े होने से बचें।
- बिजली के सभी उपकरणों को प्लग से निकाल दें।
- बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं और धातुओं से उचित दूरी बनाए रखें।
हिमाचल में जारी है येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश की बात करें तो वहां मानसून का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। राज्य मौसम विभाग ने 14 जुलाई तक कई जिलों के लिए येलो वॉर्निंग जारी कर दी है। आज, 9 जुलाई को शिमला, कांगड़ा, मंडी, चंबा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों को विशेष सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। लगातार हो रही बारिश से सड़कों का अवरुद्ध होना, भूस्खलन, मलबे का गिरना और फ्लैश फ्लड आना आम हो गया है, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह बाधित हो रही है।
बीते 24 घंटों का हाल और भविष्य का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने जानकारी दी है कि प्रदेश में 1 जुलाई को ही मानसून का प्रवेश हो गया था और तब से अधिकांश जिलों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। अगले एक सप्ताह तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की उम्मीद है, जिससे मध्यम से लेकर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं। विशेषकर मंडी के जोगिंद्रनगर में लगभग 83 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं, हमीरपुर, बिलासपुर और राजधानी शिमला में भी मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज हुई है।
आने वाले दिनों का मौसम का मिजाज
अगले चार से पांच दिनों के लिए मौसम विभाग ने सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। चंबा जिले के लिए 11 जुलाई को भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश का यह दौर जारी रहेगा। अनुमान के अनुसार, प्रदेश की निचली पहाड़ियों में 15-16 जुलाई तक और मध्य पहाड़ियों में 22-23 जुलाई तक मानसून अपनी पूरी सक्रियता के साथ बना रहेगा। जुलाई के अंतिम सप्ताह में जाकर बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 से 7 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य 51 मिलीमीटर के मुकाबले करीब 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो कि सामान्य से लगभग 27 प्रतिशत अधिक है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह सामान्य से अधिक वर्षा होने के आसार बने हुए हैं।
सिरमौर से कांगड़ा तक खतरे के बादल
लगातार बारिश के कारण इन पहाड़ी जिलों में स्थिति चिंताजनक है। भूस्खलन और अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड के कारण नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जो तटीय क्षेत्रों में रहने वालों के लिए खतरा पैदा करता है। पहाड़ी रास्तों पर कम दृश्यता और सड़कों के फिसलन भरे होने के कारण वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जल स्रोतों के आसपास बिल्कुल न जाएं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मौसम विभाग अपने तीन घंटे के शॉर्ट-टर्म अलर्ट और साप्ताहिक पूर्वानुमान की जानकारी लगातार राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ साझा कर रहा है ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
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