देश के 18 राज्यों में मानसून का रौद्र रूप, दिल्ली समेत कई इलाकों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी भारत एक महीने पहले 72
भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मानसून की तबाही और 18 राज्यों में अलर्ट

देशभर में इस समय मानसून का प्रभाव बेहद घातक रूप ले चुका है, जिसके कारण कई राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नदियों के जलस्तर को खतरे के निशान तक पहुंचा दिया है। कई स्थानों पर भीषण भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो कहीं सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। बारिश के कारण हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में दिल्ली, गाजियाबाद और बुलंदशहर समेत कई स्थानों पर लोगों की असमय मृत्यु हुई है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और कुल 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आज रेड अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र सहित देश के बड़े हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश के चलते तापमान में काफी गिरावट आई है। हालांकि, यह राहत की बारिश आफत भी बनकर आई है, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या विकराल हो गई है। बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में दिल्ली में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश का मुख्य कारण मानसूनी दबाव का मध्य भारत से उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी की दिशा में खिसकना है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह मानसूनी दबाव और उत्तर की ओर नहीं बढ़ता, तब तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उम्मीद है कि 12 जुलाई के बाद दिल्ली के मौसम में शुष्कता आएगी और बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश की चेतावनी

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी चेतावनी जारी की है। मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं जैसे जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है। राज्य के अन्य मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम कार्यालय के अनुसार, 11 जुलाई तक पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा, जिससे आगामी दो से तीन दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है। लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के तंत्र के कारण मानसून अधिक सक्रिय हुआ है। यह तंत्र अगले 24 घंटों में उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में लोगों को जलभराव और यातायात बाधाओं के प्रति सावधान रहने को कहा गया है, साथ ही आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का भी डर बना हुआ है।

उत्तराखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है। विभाग ने अगले 48 घंटों में बिजली गिरने और भारी वर्षा को लेकर सतर्क रहने को कहा है। बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो जाखोली में सर्वाधिक 46 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि उखीमठ में 23 मिमी और रुद्रप्रयाग मुख्यालय में 20 मिमी बारिश मापी गई है।

बिहार और झारखंड में बिगड़ेगा मौसम

बिहार के कई जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी दी है। सारण, सिवान, मुंगेर, भोजपुर, कटिहार, गया, सहरसा, किशनगंज, सुपौल, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। बारिश के दौरान हवा की गति भी तेज रह सकती है। झारखंड के भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिससे प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश में शिक्षण संस्थानों में अवकाश

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, सिरमौर, सोलन और शिमला जैसे जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जबकि सिरमौर के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। सोलन और शिमला के कुछ इलाकों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। भारी बारिश के खतरे को देखते हुए सोलन और सिरमौर जिलों में शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। यह आदेश केवल छात्रों के लिए है, जबकि शिक्षक और अन्य स्टाफ अपनी ड्यूटी पर बने रहेंगे। नागरिकों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

अरुणाचल प्रदेश में स्थिति का आकलन

अरुणाचल प्रदेश के बारे में मौसम विभाग का मानना है कि शुक्रवार से बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। पापुम पारे, लोअर दिबांग घाटी और तिरप जिलों के लिए शुक्रवार तक 'ऑरेंज' अलर्ट लागू किया गया है। उम्मीद है कि सप्ताहांत तक मौसम में सुधार होगा और शनिवार के बाद से अधिकांश हिस्सों से चेतावनी हटा ली जाएगी। हालांकि, पूर्वी जिलों में सोमवार तक आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी रखा गया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप