मध्य प्रदेश
3 घंटे पहले
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ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक सौतेले पिता की नफरत 11 साल की मासूम बच्ची की जान पर भारी पड़ गई। आरोपी ने न सिर्फ बच्ची की निर्मम हत्या की, बल्कि अपराध के सबूत मिटाने के लिए एक बेहद खौफनाक साजिश भी रच डाली।
मोबाइल और पड़ोसी से बातचीत बनी वजह
घटना सिरोल के हरदौल गार्डन इलाके की है। यहां रहने वाला 42 वर्षीय राजेश जाटव अपनी 11 साल की सौतेली बेटी रीमा (बदला हुआ नाम) से शुरू से ही नफरत करता था। उसे रीमा का मोबाइल इस्तेमाल करना और पड़ोस के एक लड़के से बात करना बिल्कुल पसंद नहीं था।
घटना से तीन दिन पहले रीमा की मां ने उसके फोन पर पड़ोसी का एक मैसेज देख लिया था। इसी के बाद राजेश ने बच्ची को रास्ते से हटाने की ठान ली।
पहले बेरहमी से पिटाई, फिर गला दबाकर हत्या
वारदात वाले दिन राजेश ने रीमा को सब्जी काटने के लिए कहा था। जब उसने रीमा को दोबारा मोबाइल चलाते देखा तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने अपनी पत्नी और दूसरी बेटियों को कमरे से बाहर भेज दिया।
इसके बाद आरोपी ने चूल्हे की जलती लकड़ी से रीमा को बुरी तरह पीटा और आखिर में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
मगरमच्छों के भरोसे शव को नदी में फेंका
अपराध को छिपाने के लिए राजेश ने शातिर तरीके से योजना बनाई। उसने पहले रीमा के शव को पत्नी की साड़ी से छत के कुंदे पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा दिखे। इसके बाद उसने शव को गाड़ी में रखा और भिंड ले जाकर चंबल नदी में फेंक दिया।
साड़ी को भी उसने पत्थर से बांधकर पानी में बहा दिया। आरोपी को भरोसा था कि चंबल के मगरमच्छ शव को खा जाएंगे और कोई सबूत नहीं बचेगा।
सात दिन तक पुलिस को किया गुमराह
अगले दिन राजेश खुद थाने पहुंचा और बेटी के अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। पूरे सात दिनों तक वह पुलिस को गुमराह करता रहा। हालांकि, पुलिस को उसकी कहानियों पर शक हो गया।
जब पुलिस ने घटनास्थल का सीन री-क्रिएट कराया, तो राजेश का झूठ पकड़ में आ गया। उसने दावा किया था कि बच्ची ने कुर्सी पर बिस्तर रखकर फांसी लगाई, लेकिन महिला पुलिसकर्मी के हाथ कुंदे तक नहीं पहुंच सके।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल
एएसपी ग्वालियर जयराज कुबेर के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में आरोपी रात के समय गाड़ी लेकर निकलते और सुबह लौटते दिखाई दिया। गाड़ी में उसकी पत्नी और दूसरी बेटियां मौजूद थीं, लेकिन रीमा उसमें नहीं थी।
पुलिस की सख्ती के सामने आखिरकार राजेश टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। गोताखोरों की मदद से नदी से बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है और आरोपी को जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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