गुजरात
3 घंटे पहले
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गुजरात के सूरत शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ शहर पुलिस ने एक व्यापक गुप्त अभियान चलाया है। इस कार्रवाई में अलग-अलग थानों की टीमों के साथ क्राइम ब्रांच और एसओजी पुलिस भी शामिल रही। बीती रात देर से शुरू हुए इस मेगा ऑपरेशन में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। अभियान के दौरान बांग्लादेशी होने के संदेह में कुल 261 लोगों को हिरासत में लिया गया। इन सभी से कड़ी पूछताछ और दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद उनमें से 84 लोगों के मूल रूप से बांग्लादेशी नागरिक होने की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। शेष लोगों के निवास और पहचान को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गहन पूछताछ और जांच जारी है।
व्यापक जांच और सर्च ऑपरेशन जारी
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए सभी प्रमुख बड़े शहरों में अभियान चलाया जाए। इस सख्त निर्देश के बाद सूरत में पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसओजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात बड़े पैमाने पर जांच और सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया। पूरी रात चले इस अभियान में बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर उनकी पड़ताल शुरू की गई। पुलिस की जांच में अब तक 84 अवैध घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है, जबकि बाकी संदिग्धों की जांच अब भी अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
प्रमुख ठिकानों पर छापेमारी
इस पूरे अभियान के दौरान पुलिस ने उन इलाकों को निशाना बनाया जिन्हें बांग्लादेशी घुसपैठियों का प्रमुख ठिकाना माना जाता है। इनमें मुख्य रूप से चौक बाजार, कोसाड आवास, सलाबत पुर और लिंबायत के मीठी खाड़ी क्षेत्र शामिल रहे। इन इलाकों में बड़े स्तर पर कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अचानक पहुंची पुलिस टीमों को देखकर इलाके में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ऑपरेशन में पकड़े गए सभी संदिग्धों के साथ-साथ बांग्लादेशी होने की पुष्टि वाले 84 लोगों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है, जबकि शेष लोगों की गहन जांच जारी है।
इन पहलुओं पर जांच कर रही पुलिस
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस फिलहाल प्रत्येक घुसपैठिए की पहचान, रोजगार और देश में प्रवेश से जुड़ी संदिग्ध जानकारी जुटा रही है। घुसपैठिए देश में कैसे दाखिल हुए, सूरत तक कैसे पहुंचे और उन्हें रहने की सुविधा किसने उपलब्ध कराई, इन सभी बिंदुओं पर भी पड़ताल की जा रही है। इस पूरे अभियान का मुख्य मकसद राज्य में अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण स्थापित करना और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
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