जी7 मंच से पीएम मोदी का संदेश: 'विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में, यही असली सवाल' विश्व एक महीने पहले 63
फ्रांस में जारी जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकास को केवल जीडीपी या व्यापार के आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता, बल्कि देखना यह चाहिए कि वह किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है। उन्होंने अधिक मानवीय और समावेशी आर्थिक मॉडल अपनाने की अपील की।

इवियन: फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के नेताओं के सामने आर्थिक सोच को नए सिरे से गढ़ने की जरूरत को रेखांकित किया। उनका कहना था कि किसी देश की तरक्की को सिर्फ जीडीपी या कारोबार के आंकड़ों के पैमाने पर तौलना सही नहीं है, असल बात यह है कि वह विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। सोशल मीडिया मंच 'X' पर अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि उन्होंने जी7 के आउटरीच सत्र में 'सभी के लिए संतुलित, साझा और टिकाऊ आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करने' विषय पर अपनी बात रखी।

आर्थिक विकास को नई नजर से देखने की अपील

सत्र के विषय पर बोलते हुए पीएम मोदी ने इस बात की सराहना की कि फ्रांस की जी7 अध्यक्षता ने इस मुद्दे को तवज्जो दी है। पारंपरिक आर्थिक सोच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब वह दौर आ चुका है जब प्रगति को केवल जीडीपी और व्यापार के आंकड़ों तक सीमित रखकर नहीं देखा जाना चाहिए।

'असली सवाल यह नहीं है कि विकास कितना हुआ, बल्कि यह है कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हुआ। वैश्विक नीति निर्माताओं को अब विकास के असली मकसद पर ध्यान देना होगा और एक अधिक मानवीय व समावेशी आर्थिक मॉडल अपनाना होगा।'

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से अहम मुलाकात

सम्मेलन के दौरान सबसे चर्चित बैठकों में एक प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली है। इस मुलाकात में वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक मसलों पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार समझौते की रफ्तार बढ़ाने पर भी विचार करेंगे। इसके अलावा रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। इससे एक दिन पहले दोनों नेता सम्मेलन में अनौपचारिक रूप से मिले और आपस में बातचीत की थी। यह उनकी 16 महीने बाद पहली आमने-सामने की भेंट थी।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

इवियन शहर इस समय वैश्विक कूटनीति का केंद्र बना हुआ है, जहां भारत एक प्रमुख साझेदार देश के तौर पर हिस्सा ले रहा है। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी भारत को दुनिया की समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाने वाले देश के रूप में देख रही है। आउटरीच सत्र में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक साझेदारी की बुनियाद 'विश्वास' पर टिकी होनी चाहिए। उन्होंने भारत की 'मानवता-प्रथम' नीति को रेखांकित करते हुए कहा कि यही नजरिया भारत की वैश्विक पहलों में झलकता है।

जी7 में बेहद व्यस्त रहा कार्यक्रम

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेज़िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जड़ में प्राचीन भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम' है, जिसका अर्थ है 'पूरी दुनिया एक परिवार है'। जी7 में पीएम मोदी का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहा और इस दौरान उन्होंने कई देशों के प्रमुखों से अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत की।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप