गढ़वा में बिजली गिरने से दो बच्चों की मौत, शव ले जाने के लिए नहीं मिली एंबुलेंस झारखंड 2 घंटे पहले 4
झारखंड के गढ़वा जिले में आंधी के दौरान पेड़ के नीचे आम चुन रहे बच्चों पर बिजली गिर गई, जिससे दो की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल ने शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं दी।

झारखंड के गढ़वा में बिजली का कहर

झारखंड के गढ़वा जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कुदरत के कहर ने एक परिवार को गहरे दुख में धकेल दिया। रंका थाना क्षेत्र के दुधवल गांव में आंधी और बारिश के दौरान गिरी बिजली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

आम चुनने गए थे बच्चे

जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात की है जब इलाके में तेज आंधी और बारिश हो रही थी। मौसम शांत होने के बाद गांव में स्थित एक आम के पेड़ के नीचे काफी मात्रा में आम गिर गए थे। इन आमों को चुनने के लिए शाहबाज अंसारी, फैजुन खातून और सुहैल अंसारी नामक तीन बच्चे पेड़ के पास पहुंचे। तभी अचानक आसमान से गिरी बिजली सीधे उस पेड़ पर जा गिरी, जिसकी चपेट में ये बच्चे आ गए।

मौके पर ही दो की मौत

वज्रपात की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शाहबाज अंसारी और फैजुन खातून की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सुहैल अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे को आनन फानन में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

इस हादसे के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली भी खुलकर सामने आ गई है। परिजनों का आरोप है कि वे किसी तरह बच्चों को रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन वहां कोई मानवीय संवेदना नहीं दिखी। परिजनों के मुताबिक, दोनों बच्चों के शव पूरी रात अस्पताल में ही पड़े रहे। जब रविवार सुबह उन्हें पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजने की बात आई, तो उन्हें एंबुलेंस की सुविधा नहीं दी गई।

खाट पर ढोना पड़ा शव

सरकारी मदद न मिलने के कारण परिजनों को मजबूरन अपने स्तर पर इंतजाम करने पड़े। उन्होंने घर से एक खाट मंगवाई और शवों को उस पर रखकर ले गए। इसके बाद उन्हें किराए पर एक पिकअप वाहन का सहारा लेना पड़ा, ताकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया जा सके। परिजनों ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों और विभाग ने इस दुखद घड़ी में उनकी कोई मदद नहीं की।

पुलिस की कार्रवाई

इस घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है। स्थानीय लोगों ने सरकारी दावों और आपदा के समय मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम पूरा करवा लिया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। घायल बच्चे की हालत पर भी डॉक्टरों की नजर बनी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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