वेनेजुएला में भूकंप का कहर: भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भेजी जीवनरक्षक मदद विश्व 2 महीने पहले 67
भूकंप की विभीषिका झेल रहे वेनेजुएला की मदद के लिए भारत ने भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए राहत सामग्री, मेडिकल टीम और भीष्म क्यूब भेजे हैं।

भूकंप प्रभावित वेनेजुएला के लिए भारत का मानवीय मिशन

प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे वेनेजुएला के लिए भारत ने अपना मानवीय दृष्टिकोण दोहराते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। भीषण भूकंप की मार झेल रहे इस दक्षिण अमेरिकी देश की मदद के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन अमिस्ताद का शुभारंभ किया है। संकट की इस घड़ी में भारत ने न केवल राहत सामग्री बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी सहायता पहुंचाई है ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत उपचार और सहारा मिल सके।

राहत सामग्री के साथ पहुंचे सी-17 ग्लोबमास्टर विमान

भारतीय वायुसेना ने इस मिशन को अंजाम देते हुए अपने दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों को वेनेजुएला रवाना किया। ये विमान आबिदजान के रास्ते होते हुए प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से बताया कि भारत द्वारा भेजी गई फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, जरूरी जीवनरक्षक दवाइयां और चिकित्सा उपकरण गंतव्य तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की ओर से भेजी गई यह सहायता जरूरतमंद लोगों के लिए समय पर इलाज और राहत का जरिया बनेगी।

भीष्म क्यूब और विशेषज्ञों की टीम

भारत की तरफ से इस मिशन में भेजी गई मेडिकल टीम बेहद महत्वपूर्ण है। इस टीम में कुल 41 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 9 डॉक्टर भी मौजूद हैं। भारतीय सेना के ये विशेषज्ञ ट्रॉमा प्रबंधन, गंभीर घायलों की देखभाल, आपातकालीन उपचार और जीवनरक्षक सर्जरी करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। दूतावास के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस खेप में कुल 35 टन राहत सामग्री और लगभग 6 टन आवश्यक औषधियां भेजी गई हैं। इसके अलावा आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत तैयार किए गए दो भीष्म क्यूब भी वेनेजुएला को सौंपे गए हैं। ये आधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट आपदाग्रस्त इलाकों में बहुत कम समय में अस्थायी अस्पताल का ढांचा खड़ा करने और एक साथ सैकड़ों मरीजों का उपचार करने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

वेनेजुएला में तबाही का मंजर

हाल ही में वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक स्तर पर जन-धन की हानि पहुंचाई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार, वहां कुछ ही क्षणों के भीतर दो बड़े भूकंप आए थे। पहला झटका 7.1 की तीव्रता का था, जबकि दूसरा झटका 7.5 की तीव्रता के साथ आया। इन दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी कराकस से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में मोरोन शहर के पास दर्ज किया गया। चूँकि इन झटकों की गहराई सतह से केवल 10 किलोमीटर नीचे थी, इसलिए विनाश का स्तर बहुत अधिक रहा।

आंकड़ों में तबाही की गंभीरता

सरकारी आंकड़ों ने इस आपदा की भयावहता को स्पष्ट कर दिया है। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप में 1,430 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 3,238 लोग घायल हुए हैं। लगभग 3,142 परिवार इस आपदा की चपेट में आकर बेघर हुए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य भूकंप के बाद अब तक 430 आफ्टरशॉक भी महसूस किए जा चुके हैं, जिसके कारण प्रभावित क्षेत्रों में आम जनजीवन और राहत कार्यों में लगातार मुश्किलें बनी हुई हैं। ऑपरेशन अमिस्ताद भारत की उस विदेश नीति को दर्शाता है जिसमें वैश्विक संकट या प्राकृतिक आपदा के समय भारत अपने मित्र देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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