हिमाचल प्रदेश
एक दिन पहले
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हादसे का विवरण और दर्दनाक अंत
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ एक युवा दंपति की अकाल मृत्यु हो गई। मरने वालों की पहचान 33 वर्षीय गौरख कुमार और उनकी 26 वर्षीय पत्नी सुषमा के रूप में की गई है। यह दंपति चंबा के भरमौर स्थित धरवाला की दाड़वी पंचायत के उहां गांव का निवासी था। यह घटना उस समय हुई जब दोनों पति-पत्नी अपने जीवन की खुशियां संजोए घर लौट रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
कैसे हुआ यह हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को गौरख अपनी पत्नी सुषमा को लेने उसके मायके लिल्ह गए थे। गुरुवार की सुबह जब वे वापस अपने घर लौट रहे थे, तो रास्ते में एक जगह पैर फिसलने से गौरख का संतुलन बिगड़ गया। गौरख को गहरी खाई में गिरते देख सुषमा ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की और उनकी ओर लपकी। इसी दौरान सुषमा का पैर भी फिसल गया और वह भी अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। पति को बचाने के प्रयास में पत्नी ने अपनी जान भी गंवा दी। यह घटना इतनी अचानक हुई कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और खाई में गिरने से दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और मुआवजा
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में मातम पसर गया। सूचना पाकर स्थानीय लोग, परिजन और पुलिस दल मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य के दौरान दोनों के शवों को गहरी खाई से बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। चंबा के एसपी विजय सकलानी ने पुष्टि की है कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार की आपदा प्रबंधन नीति के तहत, पहाड़ी क्षेत्रों में ढांक या खाई से गिरकर होने वाली मौत के मामलों में पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता है। इस प्रावधान के अनुसार, सरकार की ओर से इस परिवार को भी मुआवजा राशि दी जाएगी।
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