पश्चिम बंगाल
1 सप्ताह पहले
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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 31 के पार्षद और निगम के पूर्व चेयरमैन सब्यसाची दत्ता को सोमवार देर रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन ने इस तृणमूल कांग्रेस नेता पर करोड़ों रुपये की जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की है। पूर्व तृणमूल विधायक को राजारहाट के रायगाची इलाके में 211 रोड के पास से दबोचा गया। विधानसभा चुनाव में वह बारासात सीट से पार्टी के प्रत्याशी रहे थे।
बीजेपी में गए और 2021 में फिर तृणमूल में लौटे
राजनीतिक सफर में सब्यसाची दत्ता एक समय तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी के साथ चले गए थे। हालांकि 2021 में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बाद उन्होंने दोबारा अपनी पुरानी पार्टी का दामन थाम लिया।
इससे पहले स्थानीय दुकानदारों से कथित तौर पर रंगदारी वसूलने के आरोप में तृणमूल नेता अभिजीत पोले उर्फ छोटू की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। बताया जाता है कि वह सब्यसाची दत्ता के करीबी माने जाते हैं।
वसूली और धमकाने के आरोप में पकड़े गए कई तृणमूल नेता
उल्लेखनीय है कि मई 2026 में राज्यभर में कई तृणमूल नेताओं पर शिकंजा कसा गया था, जिनमें पार्षद, पंचायत प्रमुख और स्थानीय पदाधिकारी तक शामिल रहे। इन पर जबरन वसूली, डराने-धमकाने, मारपीट और अनैतिक तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। साल 2021 के चुनाव के बाद भड़की हिंसा से जुड़े जिन मामलों को हाल ही में दोबारा खोला गया है, उनके सिलसिले में हुगली जिले में भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बिधाननगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड 26 के तृणमूल पार्षद सुशोवन मंडल, जिन्हें माइकल के नाम से भी पहचाना जाता है, को भी रंगदारी मांगने के आरोप में पकड़ा गया था। इलाके के कई दुकानदारों ने उनके खिलाफ बागुइआटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
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