फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दिखेगी भारत की झलक! 20 साल बाद मैदान पर उतरेंगे भारतीय मूल के 4 खिलाड़ी खेल 10 घंटे पहले 3
फीफा विश्व कप 2026 में भले ही भारतीय टीम न खेल रही हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों की ओर से मैदान में उतरते नजर आ सकते हैं। यह 2006 के बाद पहला मौका होगा, जब भारतीय जड़ों वाला कोई फुटबॉलर विश्व कप में खेलेगा।

फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। इस बार के टूर्नामेंट में करीब 20 साल बाद भारतीय मूल का कोई फुटबॉलर मैदान पर खेलता हुआ दिखाई देगा। खास बात यह है कि एक नहीं, बल्कि भारतीय जड़ों से जुड़े चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों की टीमों के लिए एक्शन में नजर आ सकते हैं।

12 जून से शुरू हो रहा फुटबॉल का महाकुंभ

फीफा विश्व कप 2026 का आगाज 12 जून से होने जा रहा है। भारत में इस आयोजन को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त रोमांच है। यह उत्साह उस समय और बढ़ गया, जब अंतिम क्षणों में हुए एक समझौते के तहत जी (Zee) ने भारत में मैचों के लाइव प्रसारण के अधिकार हासिल करने की घोषणा की।

इसके बावजूद देश के फुटबॉल समर्थकों के मन में यह सवाल हमेशा बना रहता है कि उनकी राष्ट्रीय टीम आखिर विश्व कप में जगह क्यों नहीं बना पाती। इसकी कई वजहें हैं, लेकिन प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि भले ही भारतीय टीम इस महाआयोजन का हिस्सा नहीं है, फिर भी भारतीय मूल के चार खिलाड़ी विभिन्न टीमों की ओर से खेलते दिख सकते हैं।

इस बार विश्व कप में कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। हालांकि भारत में फ्रांस, अर्जेंटीना, ब्राजील और स्पेन जैसी यूरोपीय व लैटिन अमेरिकी टीमों के चाहने वाले कहीं ज्यादा हैं। कतर जैसी टीमों के समर्थक यहां गिने-चुने ही मिलते हैं, लेकिन इस बार खासतौर पर मलयाली समुदाय कतर का समर्थन जरूर करेगा।

कतर की टीम में केरल के तहसीन जमशीद

दरअसल कतर की टीम में केरल से ताल्लुक रखने वाले एक खिलाड़ी तहसीन जमशीद शामिल हैं। तहसीन का जन्म दोहा में हुआ, जहां उनके माता-पिता कन्नूर जिले के मूल निवासी मलयाली हैं। 19 वर्षीय इस विंगर को विश्व कप के लिए कतर की प्रारंभिक टीम में शामिल किया गया था।

अब केरल के फैंस को उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले इस टूर्नामेंट की अंतिम टीम में भी तहसीन को जगह मिलेगी। यही वजह है कि उनके नाम की चर्चा से लोगों में जोश भर गया है। तहसीन को विश्व कप में खेलते देखने के लिए तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर भी उत्साहित हैं। बता दें कि तहसीन के पिता भी पूर्व फुटबॉलर रहे हैं और वह कतर की ओर से अंडर-17 तथा अंडर-19 स्तर पर खेल चुके हैं।

न्यूजीलैंड के लिए खेलेंगे सरप्रीत सिंह

तहसीन के अलावा सरप्रीत सिंह पर भी फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें टिकी रहेंगी। 27 वर्षीय सरप्रीत न्यूजीलैंड की टीम में एक अटैकिंग मिडफील्डर की भूमिका निभाएंगे। उनका परिवार पंजाब के जालंधर से संबंध रखता है। सरप्रीत साल 2018 से न्यूजीलैंड की सीनियर टीम के लिए खेल रहे हैं और अब तक तीन गोल दाग चुके हैं।

कांगो की ओर से मैदान में उतरेंगे सैमुअल मुतुसामी

तमिल मूल के खिलाड़ी सैमुअल मुतुसामी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीम का हिस्सा हैं। सैमुअल की मां कांगो की रहने वाली हैं, जबकि उनके पिता तमिल मूल के इंडो-गुआडेलूपियन हैं। पेरिस में जन्मे 29 वर्षीय इस डिफेंसिव मिडफील्डर ने 2019 में कांगो के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था।

2006 के बाद पहला ऐसा मौका

गौरतलब है कि यह 2006 के बाद पहला विश्व कप होगा, जिसमें भारतीय मूल का कोई खिलाड़ी नजर आएगा। आखिरी बार विकास धोरासू फ्रांस की ओर से खेले थे। इनके अलावा भारतीय मूल के निशान वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल हैं। विंगर के रूप में खेलने वाले निशान के पिता तमिलनाडु से जुड़े एक मलेशियाई नागरिक हैं, जबकि उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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