फिरोजाबाद: SBI की भारौल शाखा के गोल्ड सेफ से 96 सोने के पैकेट गायब, 3 अधिकारियों पर FIR उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की भारतीय स्टेट बैंक की भारौल शाखा में गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखे गए 96 सोने के पैकेट तिजोरी से गायब पाए गए हैं। मामले में तीन बैंक अधिकारियों के विरुद्ध गबन और धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अरांव थाना क्षेत्र अंतर्गत भारौल गांव में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। ग्राहकों द्वारा गोल्ड लोन के एवज में बैंक में गिरवी रखे गए कुल 96 सोने के पैकेट शाखा की गोल्ड सेफ से गायब पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बैंक प्रशासन सकते में आ गया।

मुख्य चाबी धारक की गुमशुदगी से शुरू हुई जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब भारौल शाखा के स्टाफ अधिकारी एवं मुख्य चाबी धारक दिलीप कुमार 27 मई 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक काम पर आना बंद हो गए। बैंक की गोल्ड सेफ को खोलने के लिए दो चाबियों की आवश्यकता होती है, जिनमें से एक चाबी दिलीप कुमार के पास थी। उनके लापता होने के चलते तिजोरी खोलना संभव नहीं हो पा रहा था और बैंक का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया।

15 जून को खुला तिजोरी का राज

मामले की गंभीरता को भांपते हुए आगरा स्थित आंचलिक कार्यालय ने 15 जून 2026 को वरिष्ठ प्रबंधक (सुरक्षा) अंकित जान्हू और घिरोर शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सुशील कुमार को भारौल शाखा भेजा। जांच टीम ने घिरोर शाखा में सुरक्षित रखी तिजोरी की डुप्लीकेट चाबी मंगवाई और बैंक के पैनल एडवोकेट शिवकुमार शर्मा की उपस्थिति तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गोल्ड सेफ खुलवाई। जैसे ही तिजोरी का दरवाजा खुला, अंदर का नजारा देखकर जांच दल के होश उड़ गए — ग्राहकों की ओर से गिरवी रखे गए करीब 96 गोल्ड पैकेट पूरी तरह गायब थे।

मिलीभगत से दिया गया घोटाले को अंजाम

बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि यह घोटाला तिजोरी की चाबियों में हेरफेर और अधिकारियों की आपसी मिलीभगत के जरिये अंजाम दिया गया। आगरा आंचलिक कार्यालय के मुख्य प्रबंधक आदित्य प्रताप सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना अरांव पुलिस ने तीन अधिकारियों को इस घोटाले का आरोपी चिह्नित किया।

इन तीन अधिकारियों पर दर्ज हुई FIR

  • संदीप यादव — भारौल शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, मूल निवासी ग्राम उमराय, वर्तमान पता 928, प्रोफेसर कॉलोनी, शिकोहाबाद
  • दिलीप कुमार — स्टाफ अधिकारी एवं क्रेडिट अधिकारी, निवासी ग्राम बासगांव, बकेवर, जिला इटावा
  • नरेश कुमार — निवासी ग्राम रायपुरा करकोली, सादाबाद, जिला हाथरस

तीनों के विरुद्ध गबन और धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है।

पुलिस जल्द करेगी पर्दाफाश

पुलिस का कहना है कि देश के सबसे बड़े बैंक से जुड़े इस मामले में करोड़ों रुपये के सोने का घोटाला हुआ है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने दावा किया है कि शीघ्र ही पूरे प्रकरण का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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