रिटर्न ऑफ द जंगल रिव्यू: देसी एनिमेशन में फिर जीवंत हुआ बचपन, विजुअल्स ने मोहा मन मनोरंजन 13 घंटे पहले 3
वैभव कुमारेश की लिखी और निर्देशित एनिमेटेड फिल्म 'रिटर्न ऑफ द जंगल' अपनी सादगी और दिल छू लेने वाले अंदाज के साथ पूरे परिवार के लिए एक यादगार सिनेमाई अनुभव बनकर सामने आती है।

मौजूदा डिजिटल दौर में बच्चों के लिए बनने वाला ज्यादातर मनोरंजन और एनिमेशन कंटेंट अक्सर अनोखी कल्पनाओं, हाई-टेक गैजेट्स, वीएफएक्स से सजे सुपरहीरो और चकाचौंध भरी जादुई दुनिया के इर्द-गिर्द ही घूमता रहता है। ऐसे माहौल के बीच 29 मई 2026 को सिनेमाघरों में पहुंची एनिमेटेड फिल्म 'रिटर्न ऑफ द जंगल' एक ताजगी भरा और मनोरंजक अनुभव देती है।

सादगी से भरी एक अनूठी कहानी

जानेमाने एनिमेटर और फिल्ममेकर वैभव कुमारेश ने इस फिल्म को लिखा भी है और निर्देशित भी किया है। बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई यह फिल्म अपने आप में बेहद खास है। इसमें न तो कोई बहुत बड़ी-भारी कहानी है और न ही चौंका देने वाले नाटकीय मोड़, लेकिन इसकी सहजता और भावनाओं को छूने वाला अंदाज इसे बाकी कंटेंट से अलग खड़ा करता है।

पूरे परिवार के लिए यादगार अनुभव

फिल्म की यही सादगी और दिल को छू लेने वाली शैली इसे न सिर्फ बच्चों, बल्कि पूरे परिवार के लिए एक यादगार थिएटर अनुभव बना देती है। बड़ी-बड़ी जटिलताओं से दूर रहकर यह फिल्म साबित करती है कि एक सीधी-सादी और ईमानदार कहानी भी दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!