हरियाणा
3 घंटे पहले
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विचारों
फरीदाबाद में अपना आशियाना बनाने का ख्वाब देख रहे लोगों की निगाहें अब शहर के नए बसने वाले सेक्टरों पर जा टिकी हैं। पुराने और पूरी तरह विकसित हो चुके इलाकों में जमीन और प्लॉट के दाम लगातार ऊपर जाने की वजह से मध्यम वर्ग के लिए वहां खरीदारी करना कठिन होता जा रहा है। यही कारण है कि लोग ऐसे सेक्टरों का रुख कर रहे हैं, जहां अभी विकास की नींव रखी जा रही है।
आम लोगों का मानना है कि भले ही आज ये इलाके पूरी तरह विकसित न हुए हों, लेकिन जैसे-जैसे यहां सड़कें, कनेक्टिविटी और अन्य सहूलियतें पहुंचेंगी, इनकी सूरत बदलती चली जाएगी। इसी सोच के चलते फरीदाबाद के सेक्टर-113 को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।
कैसे आकार ले रहा है यह सेक्टर
प्रॉपर्टी कारोबारी विजय मलिक बताते हैं कि जब भी कोई नया सेक्टर बसता है, तो सबसे पहले उसकी रूपरेखा तैयार की जाती है और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सड़कें, कनेक्टिविटी तथा अन्य सुविधाएं विकसित की जाती हैं। उनके मुताबिक फरीदाबाद के सेक्टर-113 में अब इसी विकास की तैयारी शुरू हो रही है।
विजय मलिक के अनुसार इस सेक्टर को कई निजी बिल्डर मिलकर विकसित करने जा रहे हैं। कुछ बिल्डरों ने तो यहां काम शुरू भी कर दिया है और आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में तेज रफ्तार से निर्माण और विकास देखने को मिलेगा।
सेक्टर-113 में प्लॉट का भाव
दाम के बारे में विजय मलिक बताते हैं कि फिलहाल सेक्टर-113 में प्लॉट का रेट करीब 75 हजार रुपये प्रति गज चल रहा है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे यहां रेरा अप्रूव प्रोजेक्ट सामने आते जाएंगे, वैसे-वैसे कीमतों में भी फेरबदल देखने को मिलेगा।
सड़कों और बाईपास का खाका
विजय मलिक के अनुसार इस सेक्टर की डिवाइडिंग रोड 60 मीटर चौड़ी होगी और सेक्टर के दोनों ओर भी 60 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी। इसके साथ ही एक तरफ 90 मीटर चौड़ा बाईपास रहेगा। बाईपास के किनारे 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी और 12 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।
क्या होंगी खास सुविधाएं
विजय मलिक बताते हैं कि आने वाले समय में सेक्टर-113 की सबसे बड़ी ताकत इसकी कनेक्टिविटी बनने वाली है। यहां से मुंबई एक्सप्रेसवे की दिशा में जाने का रास्ता मिलेगा। करीब 75 मीटर चौड़ा यह मार्ग सीधे कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे यानी केएमपी एक्सप्रेसवे से जुड़ता है।
उनके मुताबिक अभी सेक्टर-113 के सबसे नजदीक बल्लभगढ़ का राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पड़ते हैं। इन तीनों की दूरी सेक्टर से लगभग 11 से 12 किलोमीटर है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति
विजय मलिक बताते हैं कि जिस गांव की जमीन पर यह सेक्टर बसाया जा रहा है, वह जुन्हेडा गांव है और गांव का सरकारी अस्पताल यहां से नजदीक पड़ता है। वहीं फरीदाबाद का सरकारी अस्पताल इस सेक्टर से करीब 10 से 11 किलोमीटर की दूरी पर है।
उनका कहना है कि आगे चलकर अमृता अस्पताल भी यहां से ज्यादा दूर नहीं रहेगा और भविष्य में करीब 10 मिनट के सफर में वहां पहुंचा जा सकेगा।
प्लॉट का आकार
प्लॉट के साइज को लेकर विजय मलिक बताते हैं कि सेक्टर-113 में जो प्लॉट आ रहे हैं, उनका न्यूनतम आकार 200 गज रखा गया है। चूंकि यह एनआईएलपी प्रोजेक्ट के दायरे में आता है, इसलिए यहां सबसे छोटा प्लॉट 200 गज का ही है।
उनके अनुसार खरीदार अधिकतम 350 गज तक के प्लॉट ले सकते हैं। उनका कहना है कि जैसे-जैसे सेक्टर में विकास के काम आगे बढ़ेंगे, यहां रहने वालों को उतनी ही बेहतर सुविधाएं मिलने लगेंगी।
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