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एक घंटा पहले
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शहर की भागदौड़ और रोजमर्रा की थकान से दूर अगर आप जंगल के रोमांच और प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क इसके लिए एकदम मुफीद जगह है। हरे-भरे जंगल, बहती नदियां और वन्यजीवों की रोमांचक मौजूदगी इसे हर प्रकृति प्रेमी की पसंदीदा मंजिल बनाती है।
देश का पहला राष्ट्रीय उद्यान
साल 1936 में स्थापित यह पार्क भारत का सबसे पहला राष्ट्रीय उद्यान है। आज यह करीब 260 बाघों के साथ-साथ सैकड़ों दुर्लभ वन्यजीवों का घर बन चुका है। यही वजह है कि वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के बीच यह जगह बेहद लोकप्रिय है।
सबसे मशहूर सफारी जोन
कॉर्बेट में कई सफारी जोन हैं, लेकिन इनमें ढिकाला, बिजरानी और झिरना सबसे ज्यादा चर्चित माने जाते हैं। इन्हीं इलाकों में पर्यटकों को रॉयल बंगाल टाइगर को बेहद नजदीक से निहारने का मौका मिलता है। हर जोन की अपनी अलग खासियत है, जो सफारी के अनुभव को और यादगार बना देती है।
- ढिकाला: घने जंगल और खुले घास के मैदानों के लिए मशहूर यह जोन वन्यजीवों को देखने के लिहाज से बेहद खास माना जाता है।
- बिजरानी: घनी वनस्पति और बाघों की मौजूदगी के चलते यह जोन पर्यटकों के बीच काफी पसंद किया जाता है।
- झिरना: साल भर खुला रहने वाला यह जोन उन यात्रियों के लिए बढ़िया विकल्प है जो किसी भी मौसम में सफारी का आनंद लेना चाहते हैं।
बुकिंग से जुड़ी जरूरी बातें
सफारी का पूरा मजा लेने के लिए पहले से तैयारी और बुकिंग की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। जोन के मुताबिक सफारी की उपलब्धता और समय अलग-अलग हो सकता है, इसलिए यात्रा की योजना पहले से बनाना समझदारी है। अग्रिम बुकिंग कराने से आपको अपनी पसंद के जोन और समय में सफारी का आनंद लेने का मौका मिल जाता है, जिससे पूरी ट्रिप और भी सुहानी बन जाती है।
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