हरियाणा
एक घंटा पहले
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फरीदाबाद के मुजेसर रेलवे फाटक पर बड़े बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। कुछ दिन पहले यहां अंडरपास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया, जिसके बाद इलाके के लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि यह अंडरपास तैयार होने के बाद हजारों लोगों को रोज लगने वाले लंबे जाम और फाटक बंद होने की दिक्कत से निजात मिलेगी। इस परियोजना की लागत 42 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है और इसे लगभग 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
मौके पर पहुंचने पर इस प्रोजेक्ट को लेकर लोगों के बीच खासी चर्चा देखने को मिली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह फाटक कई वर्षों से बड़ी मुसीबत बना हुआ था। यहां से रोजाना लाखों लोग गुजरते हैं और जैसे ही फाटक बंद होता है, लंबा जाम लग जाता है। कई लोगों ने बताया कि इस जगह पहले भी हादसे हो चुके हैं, इसी वजह से अब अंडरपास को बेहद जरूरी माना जा रहा है।
आवागमन में रोज होती है देरी
राजेश बताते हैं कि वह हर दिन इसी रास्ते से गुजरते हैं और सेक्टर 7 में नौकरी करते हैं। उनके मुताबिक, फाटक बंद होते ही 10-10 मिनट में इतना जाम लग जाता है कि निकलना मुश्किल हो जाता है। सुबह और शाम का वक्त सबसे ज्यादा परेशानी भरा होता है और कई बार देर भी हो जाती है।
सत्येंद्र कहते हैं कि यहां सिर्फ जाम ही सबसे बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि कई बार छीना-झपटी की घटनाएं भी हो जाती हैं। बरसात के दौरान पानी भर जाने से हालत और बिगड़ जाती है। उनका कहना है कि समय पर ड्यूटी न पहुंचने पर मजदूर का पैसा भी कट जाता है और यहां पुलिस की तैनाती भी होनी चाहिए।
अमरेश कुमार बताते हैं कि वह रोज इसी फाटक से आना-जाना करते हैं और वाईएमसीए की ओर नौकरी करते हैं। उनके अनुसार, फाटक बंद होते ही 10 से 15 मिनट में लंबा जाम लग जाता है। उन्हें भरोसा है कि अंडरपास बनने से बहुत फायदा होगा।
परियोजना से जुड़े अहम सवाल
यह अंडरपास क्यों बनाया जा रहा है? मुजेसर रेलवे फाटक पर रोज लगने वाले लंबे जाम, हादसों और लोगों की परेशानी को घटाने के मकसद से यह अंडरपास तैयार किया जा रहा है।
इसकी लागत और समयसीमा क्या है? इस अंडरपास पर 42 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे और इसे करीब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा? गांव मुजेसर, सेक्टर 22, 23, 24, 25 से लेकर सेक्टर 55 तक के लोगों और उद्योग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को इसका सर्वाधिक लाभ मिलेगा।
क्या हादसों में कमी आएगी? लोगों का कहना है कि इस फाटक पर पहले कई हादसे हो चुके हैं और अंडरपास बनने के बाद ऐसी घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
लंबे समय से था सुविधा का इंतजार
बल्लभगढ़ के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री मूल चंद शर्मा का कहना है कि यह इलाका काफी समय से इस सुविधा की राह देख रहा था। उन्होंने बताया कि यह रेलवे फाटक आजादी से पहले का बना हुआ है और यहां रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। फाटक बंद होने पर लोगों को भारी जाम, समय की बर्बादी और कई बार हादसों का सामना करना पड़ता था।
मूलचंद शर्मा के मुताबिक, यहां कई बार दुखद हादसे भी हुए हैं, जिनमें लोगों की जान तक चली गई। उनका कहना है कि अंडरपास बनने के बाद लोगों को इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। उन्होंने इसे सिर्फ मुजेसर गांव ही नहीं, बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी बताया।
उन्होंने कहा कि इस अंडरपास से मुजेसर गांव के साथ-साथ सेक्टर 24, 25, 22, 23 और सेक्टर 55 तक के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यहां काम करने वाले कर्मचारी, व्यापारी और आम लोग आसानी से आ-जा सकेंगे, साथ ही दिल्ली-मथुरा रोड और हाईवे की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रति आभार जताया और कहा कि सरकार लगातार क्षेत्र के विकास के लिए बड़े काम कर रही है।
18 महीने बाद तैयार होगा अंडरपास
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि पूजन कुछ दिन पहले ही हुआ है और अब निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि 18 महीने बाद यह अंडरपास बनकर तैयार हो जाएगा और रोज की परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
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