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एक घंटा पहले
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देशभर में नीट परीक्षा को लेकर मचे विवाद और पेपर लीक की गंभीर घटनाओं के बाद प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। छात्रों के भविष्य और परीक्षा की साख को दोबारा बहाल करने के लिए राज्य सरकारें कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं कमान संभालते हुए बेहद सक्रिय नजर आ रहे हैं। नीट यूजी रीटेस्ट को पूरी तरह लीक प्रूफ बनाने के लिए देशभर में कड़ी तैयारियां चल रही हैं।
नीट यूजी 2026 को लेकर एक हाई-लेवल बैठक मुख्यमंत्री के सरकारी निवास 'वर्षा' पर दोपहर 12:30 बजे आयोजित होगी, जिसमें सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सरकार चाहती है कि इस बार तैयारियों में जरा भी ढिलाई न रहे। दरअसल, 23 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को रिकॉर्ड 38 दिनों के भीतर दोबारा कराने का लक्ष्य सामने है। समय कम है और चुनौतियां बड़ी, यही वजह है कि केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार कर रही हैं।
'वर्षा' पर मंथन, फडणवीस खुद करेंगे समीक्षा
नीट परीक्षा पर लगे दाग को धोने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद ग्राउंड जीरो पर उतर आए हैं। दोपहर 12:30 बजे होने वाली इस बैठक में सुरक्षा के हर उस पहलू पर चर्चा की जाएगी, जहां से किसी तरह की चूक की आशंका हो सकती है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि उम्मीदवारों के साथ दोबारा किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार नीट यूजी री-एग्जाम को एक मिसाल के तौर पर आयोजित करने की तैयारी में है। नीट यूजी री-परीक्षा 21 जून 2026 को होगी।
5 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और पैरामिलिट्री की कड़ी निगरानी
इस बार नीट यूजी के परीक्षा केंद्र महज एग्जाम सेंटर नहीं, बल्कि अभेद्य किले की तरह दिखाई देंगे। सरकार ने सुरक्षा का जो ढांचा तैयार किया है, वह अपने आप में अभूतपूर्व है।
- मल्टी-लेयर सुरक्षा: नीट यूजी री-परीक्षा के दिन देशभर में 5 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं।
- बड़ा प्रशासनिक अमला: सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाने के लिए 2 लाख से ज्यादा पुलिसकर्मी, होमगार्ड, जिला प्रशासन के अधिकारी और विशेष परीक्षक तैनात रहेंगे।
- संवेदनशील इलाकों में पैरामिलिट्री: जिन केंद्रों या क्षेत्रों को परीक्षा के लिहाज से 'संवेदनशील' माना गया है, वहां स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री (अर्धसैनिक बल) को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा जाएगा।
AI मॉनिटरिंग और 1 लाख कैमरों की 'तीसरी आंख'
तकनीक के मोर्चे पर भी इस बार की नीट परीक्षा पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए मल्टी-लेवल सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 1 लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे। इतना ही नहीं, इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा, जो परीक्षा हॉल में होने वाली किसी भी संदिग्ध हलचल को तुरंत पकड़ लेगा।
गेट पर ही होगा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
फर्जी परीक्षार्थियों यानी सॉल्वर गैंग को रोकने के लिए एंट्री गेट पर ही सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। हर परीक्षार्थी के लिए प्रवेश द्वार पर सरकारी पहचान पत्र के जरिए बायोमेट्रिक/डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। इस परीक्षा को सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पहली बार इतने बड़े पैमाने पर राज्य सरकार, केंद्र सरकार, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और चुनिंदा प्राइवेट स्कूलों को एक मंच पर लाया गया है। 23 लाख बच्चों की यह परीक्षा तय समय सीमा में कराना अब साख की लड़ाई बन चुकी है।
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