आम की गुठली फेंकने से पहले जान लें ये तरीका, बीजू पौधे पर ऐसे तैयार करें मनपसंद कलम, जानें कृषि वैज्ञानिक से बिहार एक घंटा पहले 3
आम खाने के बाद अक्सर हम गुठली बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन कृषि वैज्ञानिक की सलाह से आप उसी बीजू पौधे पर अपनी मनपसंद किस्म की कलम लगा सकते हैं। जानिए इसे तैयार करने की पूरी वैज्ञानिक विधि।

आम के बीजू पौधे का करें सही इस्तेमाल

अक्सर हम घरों में आम खाने के बाद उसकी गुठली को कचरे में फेंक देते हैं, जिससे मिट्टी में दबकर एक बीजू पौधा उग आता है। हालांकि, इस तरह तैयार हुए पेड़ के फल स्वाद और गुणवत्ता में उतने बेहतर नहीं होते। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी साधारण बीजू पौधे को एक बेहतरीन और उन्नत किस्म के पेड़ में बदला जा सकता है? कृषि विज्ञान केंद्र, खोदावंदपुर की पौधा संरक्षण विशेषज्ञ निशा रानी ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की है कि कैसे किसान या आम प्रेमी साधारण बीजू पौधे पर अपनी मनपसंद किस्म की ग्राफ्टिंग यानी कलम लगा सकते हैं।

कलम तैयार करने के लिए सही समय और स्थिति

विशेषज्ञ निशा रानी के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपका बीजू पौधा कितना विकसित है। पौधे की उम्र 1 से 1.5 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, पौधे के तने की मोटाई एक सामान्य पेंसिल के बराबर होनी चाहिए। जब पौधा इस अवस्था में आ जाए, तभी उस पर ग्राफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। यदि पौधा बहुत छोटा या बहुत पुराना है, तो कलम के सफल होने की संभावना कम हो जाती है।

वी-शेप ग्राफ्टिंग की प्रक्रिया

कलम लगाने की इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से दो भाग होते हैं। पहला बीजू पौधे का निचला हिस्सा जिसे मूलवृंत कहा जाता है और दूसरा वह हिस्सा जिसे हम उस पर जोड़ना चाहते हैं, जिसे सायन कहते हैं।

  • सबसे पहले बीजू पौधे के तने को एक खास ऊंचाई पर काट लें।
  • इस तने के बीच में एक V-आकार का गहरा खांचा बनाएं।
  • ठीक इसी तरह, जिस उन्नत किस्म के आम की आप कलम लगाना चाहते हैं, उसकी भी करीब 1 साल पुरानी और पेंसिल जितनी ही मोटी टहनी का चयन करें।
  • उस टहनी के निचले हिस्से को भी V-आकार में छीलकर तैयार करें ताकि वह बीजू पौधे के खांचे में पूरी तरह फिट हो सके।

सावधानी और अंतिम चरण

जब दोनों हिस्सों को एक-दूसरे के साथ जोड़ दिया जाए, तो उन्हें आपस में मजबूती से बांधना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए पॉलिथीन स्ट्रैप का उपयोग किया जाता है। निशा रानी बताती हैं कि जिस जगह पर दोनों पौधों को जोड़ा गया है, उसे पूरी तरह कवर करते हुए और कसकर बांधना चाहिए ताकि हवा और नमी के कारण जोड़ ढीला न पड़े। यही वह प्रक्रिया है जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि आप इसे सही ढंग से बांधते हैं, तो दोनों का मिलन जल्दी और प्रभावी तरीके से होगा।

बारिश के मौसम में क्यों है यह विधि कारगर

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, आम के पौधे पर कलम लगाने के लिए बारिश का मौसम सबसे अनुकूल माना गया है। इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण यह है कि मानसून के दौरान वातावरण में तापमान के साथ-साथ नमी यानी आद्रता का स्तर काफी अधिक होता है। यह अनुकूल माहौल पौधों के घाव भरने और ग्राफ्टिंग के सफल होने में काफी मदद करता है। यदि आप भी अपने बगीचे या गमले में लगे बीजू पौधे को एक उत्पादक पेड़ में बदलना चाहते हैं, तो इस वैज्ञानिक तरीके को अपनाकर आसानी से सफल हो सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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