IMD का ताजा अपडेट: मेघालय से उत्तराखंड तक मौसम हुआ तूफानी, गंगा और यमुना समेत कई नदियां उफान पर राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
मानसून की जोरदार सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से मैदानी इलाकों की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

मानसून की आक्रामक चाल

देशभर में मानसून इस समय पूरे शबाब पर है। मौसम विज्ञान विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल मानसून की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय मौसमी स्थितियों के प्रभाव के चलते, जिसे अक्सर बारिश का दुश्मन माना जाता है, उस अल नीनो का कोई नकारात्मक असर अभी तक नहीं देखा गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में फिर से दो मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने की संभावना प्रबल दिखाई दे रही है। इसका सीधा असर यह होगा कि आने वाले कुछ दिनों के भीतर देश के कई इलाकों में तेज से लेकर बहुत तेज बारिश होने के आसार हैं। उंचे पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही वर्षा ने चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते प्रमुख नदियों के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। असम और गुजरात के बाद अब उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के सामने भी बाढ़ का संकट खड़ा होता दिख रहा है।

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने 9 अगस्त 2026 के लिए व्यापक पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मेघालय के साउथ गारो हिल्स और साउथ वेस्ट खासी हिल्स जैसे क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

राज्यों के अनुसार मौसम का हाल

मौसम विभाग के विस्तृत बुलेटिन में बताया गया है कि 9 अगस्त को छत्तीसगढ़ के बेमेतरा, बिलासपुर, कबीरधाम, महासमुंद और मुंगेली जैसे जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, दमोह, डिंडोरी, गुना, जबलपुर, मंडला, रायसेन, सागर, सिवनी, शहडोल, उमरिया और विदिशा जिलों में मौसम का मिजाज खराब रहने की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और पूर्वी राजस्थान में भी सप्ताह के दौरान भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। अगले दो दिनों के भीतर केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

बीते 24 घंटों का आकलन

बीते दिन यानी 8 अगस्त को दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश और केरल के कुछ चुनिंदा स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी भारी वर्षा का दौर देखा गया है। इससे मानसून की देशव्यापी सक्रियता का पता चलता है।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता

पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों की नदियों पर साफ दिखने लगा है। अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन वे पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। वाराणसी में भी गंगा नदी उफान पर है, जिसके कारण कई घाट जलमग्न हो गए हैं और बाढ़ का पानी मंदिरों तक पहुंच गया है। दिल्ली में यमुना नदी का बहाव ओखला बैराज और कालिंदी कुंज के पास काफी तेज बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से एनडीआरएफ की टीम को कालिंदी कुंज घाट पर तैनात किया गया है, जिसके पास नावों और लाइफ जैकेट की पूरी सुविधा मौजूद है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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