पश्चिम बंगाल
3 घंटे पहले
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दुर्गापुर में भारी तनाव का माहौल
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित DPL टाउनशिप इलाके में रविवार रात का नजारा बेहद भयावह हो गया। जब स्थानीय लोगों को यह पता चला कि दुर्गापुर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 के पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल अपने घर वापस लौट आए हैं, तो आक्रोशित भीड़ ने उन पर धावा बोल दिया। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों से घिरे इस नेता के घर को गुस्साई भीड़ ने घेर लिया और जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया और आंसू गैस के गोले भी दागे गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी पूर्व पार्षद शशांक शेखर मंडल को गिरफ्तार कर लिया है।
विवाद की असली जड़
बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 39 के पूर्व पार्षद शशांक शेखर मंडल चुनाव परिणाम आने के बाद से ही इलाके से गायब थे। भ्रष्टाचार के कई मामलों में नाम आने के बाद वे लंबे समय से बाहर रह रहे थे। रविवार की शाम जैसे ही क्षेत्र में यह खबर फैली कि आरोपी नेता वापस अपने घर लौटा है, स्थानीय लोगों का सब्र जवाब दे गया। बड़ी संख्या में लोग उनके घर के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि भ्रष्टाचार में डूबे व्यक्ति को इस इलाके में रहने का कोई हक नहीं है। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने घर के भीतर घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
तीन घंटे का हंगामा और पुलिसिया कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन भीड़ का आक्रोश इतना अधिक था कि हालात संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया। लगभग 3 घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मची रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने शशांक शेखर मंडल को हिरासत में ले लिया है। कोकोवाने थाना अंतर्गत डीपीएल टाउनशिप क्षेत्र में इस घटना के बाद अभी भी भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। इलाके में रंगदारी मांगने और स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने के कई पुराने आरोप शशांक शेखर मंडल पर पहले से ही दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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