फैटी लिवर की समस्या में रामबाण है ब्लैक कॉफी, विशेषज्ञ ने बताया इस्तेमाल का सही तरीका स्वास्थ्य 5 घंटे पहले 6
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वत्स ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक कॉफी का सेवन फैटी लिवर के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसके साथ ही संतुलित जीवनशैली अपनाना भी अनिवार्य है।

ब्लैक कॉफी और लिवर का गहरा नाता

ज्यादातर लोग अपनी सुबह की शुरुआत कॉफी के कप के साथ करते हैं ताकि वे खुद को ऊर्जावान महसूस कर सकें। हालांकि, वैज्ञानिक अध्ययनों की मानें तो कॉफी केवल थकान मिटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी गुणकारी है। कॉफी में एक हजार से अधिक जटिल बायोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं। जब आप कॉफी का सेवन बिना दूध और चीनी के करते हैं, तो यह सीधे तौर पर आपके लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने का काम करती है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वत्स ने सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में बताया है कि ब्लैक कॉफी किस प्रकार फैटी लिवर की समस्या को कम करने में मदद कर सकती है।

ब्लैक कॉफी के लिवर पर सकारात्मक प्रभाव

ब्लैक कॉफी के नियमित सेवन से लिवर को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  • फैटी लिवर पर नियंत्रण: ब्लैक कॉफी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड और पॉलीफेनोल्स जैसे शक्तिशाली बायोएक्टिव कंपाउंड लिवर में पहुंचकर ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं। यह प्रक्रिया लिवर में अनावश्यक फैट जमा होने से रोकती है और कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचाती है।
  • सूजन में कमी: बिना दूध और क्रीम वाली कॉफी लिवर की सूजन और फैट को प्रभावी ढंग से कम करने में सक्षम है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और कैफीन लिवर एंजाइम्स में सुधार लाते हैं और फाइब्रोसिस के खतरे को काफी हद तक कम कर देते हैं।
  • एंजाइम का नियमन: फैटी लिवर के मरीजों के लिए SGPT और SGOT जैसे लिवर एंजाइम्स के स्तर को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ब्लैक कॉफी इन एंजाइम्स के स्तर को सामान्य बनाए रखने और लिवर के मेटाबॉलिक लोड को कम करने में सहायक साबित होती है।

कॉफी पीने का सही समय और मात्रा

डॉक्टर शुभम वत्स के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति या फैटी लिवर का मरीज दिन भर में दो से तीन कप ब्लैक कॉफी का सेवन कर सकता है। यह मात्रा लगभग 300 से 400 मिलीग्राम कैफीन के बराबर होती है। हालांकि, इस सीमा से अधिक कॉफी का सेवन करने से बचना चाहिए। साथ ही, शाम या रात के समय कॉफी पीने से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कॉफी पीने से ही फैटी लिवर पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए आपको अपनी आदतों में भी बदलाव करने होंगे:

  • अपने दैनिक आहार में पौष्टिक और हेल्दी चीजों को शामिल करें।
  • चीनी और मीठे पदार्थों का सेवन पूरी तरह से बंद कर दें।
  • आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
  • शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बना लें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं।

इन सभी नियमों का पालन करके और ब्लैक कॉफी को सही तरीके से अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने लिवर की सेहत में उल्लेखनीय सुधार ला सकते हैं।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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