कैंसर से बचाव के लिए डाइट में जरूर शामिल करें ये 5 चीजें, डॉक्टर ने बताए फायदे स्वास्थ्य एक घंटा पहले 2
कैंसर के मरीजों के लिए आहार का विशेष महत्व है। कैंसर हीलर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा ने हावर्ड मेडिकल स्कूल की एक स्टडी का हवाला देते हुए डाइट में शामिल करने योग्य 5 असरदार फूड्स के बारे में जानकारी दी है।

कैंसर से बचाव में डाइट की भूमिका

दुनियाभर में कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं के साथ सही खानपान का मेल कैंसर से लड़ने में मदद कर सकता है। कैंसर हीलर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा ने हाल ही में साझा की गई जानकारी में बताया कि हावर्ड मेडिकल स्कूल की एक शोध के अनुसार, जिन मरीजों ने अपने दैनिक आहार में कैंसर रोधी गुणों वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी, उनका सर्वाइवल रेट केवल दवाओं पर निर्भर रहने वाले मरीजों की तुलना में काफी बेहतर रहा।

डाइट में शामिल करें ये 5 खास फूड्स

अगर आप कैंसर के जोखिम को कम करना चाहते हैं, तो डॉक्टर तरंग कृष्णा द्वारा सुझाए गए इन 5 फूड्स को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं:

  • हल्दी: हल्दी में काली मिर्च का मेल इसे और भी अधिक प्रभावी बनाता है। एक गिलास पानी में चुटकी भर हल्दी और काली मिर्च मिलाकर पीने से कैंसर का जोखिम कम किया जा सकता है।
  • आंवला: इसमें मौजूद गैलिक एसिड और इलाजिक एसिड शरीर में फ्री रेडिकल्स को पनपने से रोकते हैं, जो डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आंवला केमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने में भी सहायक है।
  • ब्रोकोली: फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्जियां कैंसर के खतरे को कम करती हैं। ब्रोकोली का सेवन हमेशा आधा पकाकर करना सेहत के लिए सबसे फायदेमंद माना गया है।
  • ग्रीन टी: जापान में कैंसर के कम मामलों का बड़ा कारण ग्रीन टी का सेवन है। इसमें मौजूद इजीसीजी (EGCG) कम्पाउंड कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, यह ब्रेस्ट और लंग कैंसर में विशेष रूप से लाभदायक है।
  • अलसी के बीज: अलसी में लिगनेन्स होते हैं, जो ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर से लड़ने में कारगर हैं। जनरल ऑफ़ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी की रिसर्च के मुताबिक, जो ब्रेस्ट कैंसर मरीज रोज 25 ग्राम अलसी के बीजों का सेवन करते हैं, उनमें ट्यूमर की ग्रोथ धीमी हो जाती है।

एयर फ्रायर और कैंसर का कनेक्शन

आजकल रसोई में एयर फ्रायर का चलन काफी बढ़ गया है। हालांकि, इसे लेकर यह चर्चा भी आम है कि क्या इसके उपयोग से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इस विषय की सच्चाई जानने के लिए विशेषज्ञों की सलाह लेना और वैज्ञानिक तथ्यों को समझना बेहद आवश्यक है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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