भोपाल में पुलिस कांस्टेबल का फिल्मी अंदाज में अपहरण, रातभर कार में बंधक बनाकर की बर्बर पिटाई मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 11
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्यूटी पर तैनात एक आरक्षक को बदमाशों ने कार में खींचकर अगवा कर लिया और रातभर उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया। पुलिस की सक्रियता के बाद आरोपी आरक्षक को छोड़कर भाग गए, जिसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राजधानी में कानून व्यवस्था पर सवाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है। शहर के शाहपुरा थाना क्षेत्र में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल का बदमाशों ने अपहरण कर लिया। आरोपी न केवल कांस्टेबल को उठाकर ले गए, बल्कि पूरी रात उसे कार में बंधक बनाकर रखा और बेरहमी से पिटाई भी की। पुलिस विभाग की मुस्तैदी के चलते आरोपी पीड़ित आरक्षक को सरकारी प्रेस के समीप छोड़कर मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है।

क्या था पूरा घटनाक्रम

यह सनसनीखेज वारदात 8 अगस्त की मध्यरात्रि को अंजाम दी गई। शाहपुरा थाने में पदस्थ कांस्टेबल सुंदर पटेल उस समय चेकिंग ड्यूटी पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक संदिग्ध कार को रुकवाया, जिसमें दो युवक सवार थे। पूछताछ के दौरान स्थिति साफ होने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने चलने के निर्देश दिए। इसी दौरान, वहां मौजूद एक अन्य आरक्षक अपनी मोटरसाइकिल से थाने के लिए रवाना हो गया और उसने सुंदर पटेल से कहा कि वे आरोपियों के साथ उनकी कार में ही बैठकर थाने आ जाएं।

कार के अंदर बना लिया बंधक

जैसे ही कांस्टेबल सुंदर पटेल ने कार में प्रवेश किया, बदमाशों ने अपनी असलियत दिखाते हुए हमला कर दिया। बदमाशों ने सबसे पहले कांस्टेबल का मोबाइल फोन छीनकर उसे बंद कर दिया ताकि कोई संपर्क न हो सके। इसके बाद, आरोपियों ने बड़ी चालाकी से कांस्टेबल के हाथ, पैर और मुंह को मजबूती से बांध दिया। असहाय आरक्षक को कार के भीतर कैद कर बदमाश पूरी रात उन्हें भोपाल की सड़कों पर घुमाते रहे और इस दौरान लगातार उनके साथ मारपीट की गई।

पुलिस की सक्रियता से टला बड़ा खतरा

जब आरक्षक सुंदर पटेल निर्धारित समय तक थाने नहीं पहुंचे, तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए आरक्षक की तलाश शुरू कर दी। इलाके में नाकेबंदी और पुलिस की सक्रियता देख बदमाशों के हौसले पस्त हो गए। खुद को घिरता देख और पुलिस के डर से अपराधियों ने आरक्षक को भोपाल स्थित सरकारी प्रेस के पास फेंक दिया और वहां से गाड़ी लेकर फरार हो गए।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस की जांच में पकड़े गए आरोपियों की पहचान भूपेंद्र शर्मा, जो गंजबासौदा का रहने वाला है, और ऋषि नामदेव, जो बावड़िया कला का निवासी है, के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी भूपेंद्र शर्मा का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड काफी गंभीर रहा है। उसके खिलाफ विदिशा में हत्या के प्रयास जैसा संगीन मामला (धारा 307) पहले से ही दर्ज है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे उस रात किन इरादों से निकले थे।

वकील की गाड़ी का हुआ इस्तेमाल

इस पूरे मामले की पुष्टि भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने की है। जांच में एक और अहम बात सामने आई है कि वारदात में जिस कार का इस्तेमाल किया गया, वह एक वकील के नाम पर पंजीकृत है। शाहपुरा पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध अपहरण, मारपीट और लूट के गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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