दिल्ली
11 घंटे पहले
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राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट और वॉर मेमोरियल देखने पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी सहूलियत आने वाली है। साथ ही सेंट्रल दिल्ली में रहने वाले लाखों लोगों को रोज़ाना के ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलने की उम्मीद है। दिल्ली मेट्रो के फेज 5A में आर के आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक 9.9 किमी लंबे नए कॉरिडोर का काम शुरू हो चुका है। मेजेंटा लाइन के इस विस्तार से राजधानी की कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने जा रही है।
इंडिया गेट और वॉर मेमोरियल तक सीधी पहुंच
अब लोग सीधे मेट्रो से इंडिया गेट और वॉर मेमोरियल तक पहुंच सकेंगे। दिल्ली मेट्रो के फेज-5 के तहत बन रहे इस नए कॉरिडोर से न केवल सेंट्रल दिल्ली का जाम कम होगा, बल्कि उन कई इलाकों को सीधी कनेक्टिविटी भी मिलेगी, जहां अब तक मेट्रो की डायरेक्ट सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
9570 करोड़ रुपये की लागत
आर के आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक के इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जिसकी कुल लागत 9570 करोड़ रुपये है। दिल्ली में फिलहाल यही एकमात्र कॉरिडोर नहीं है, बल्कि इस समय चार अंडरग्राउंड स्टेशनों पर भी काम चल रहा है। इससे लाखों लोगों और पर्यटकों को बड़ा लाभ मिलने वाला है।
किन स्टेशनों पर चल रहा है काम
इस कॉरिडोर के अंतर्गत अभी शिवाजी स्टेडियम, युगे युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और कर्तव्य भवन स्टेशनों पर काम जारी है। मई 2026 के पहले हफ्ते में इन स्टेशनों के लिए 430 करोड़ रुपये का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इस परियोजना में शिवाजी स्टेडियम स्टेशन को बड़ा करने के साथ-साथ 1 किलोमीटर लंबी टनल बनाने का काम भी किया जा रहा है।
मेजेंटा लाइन का विस्तार
यह नया कॉरिडोर दरअसल मेजेंटा लाइन (लाइन 8) का एक्सटेंशन है। इसकी कुल लंबाई करीब 9.913 किलोमीटर है और इस पर कुल 10 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यह कॉरिडोर मुख्य रूप से सेंट्रल दिल्ली में मेट्रो की आवाजाही को आसान बनाएगा और कई इलाकों को आपस में जोड़ेगा।
कॉरिडोर पर बनने वाले 10 स्टेशन
इस कॉरिडोर पर कुल 10 मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें ये शामिल हैं:
- आर के आश्रम मार्ग
- शिवाजी स्टेडियम
- युगे युगेन भारत
- सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
- कर्तव्य भवन
- इंडिया गेट
- वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट
- बड़ौदा हाउस
- भारत मंडपम
- इंद्रप्रस्थ
इनमें इंडिया गेट मेट्रो स्टेशन पर्यटकों के लिहाज़ से बेहद खास माना जा रहा है।
दिसंबर 2025 में मिली थी मंजूरी
इस परियोजना को दिसंबर 2025 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। फेज 5A में कुल तीन कॉरिडोर बनाए जाने हैं, जिनकी कुल लागत 12,014 करोड़ रुपये है। इनमें 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से अधिकांश अंडरग्राउंड होंगे। तीनों कॉरिडोर में यही सबसे बड़ा है और सेंट्रल दिल्ली के लिहाज़ से सबसे अहम है।
दो और बड़े कॉन्ट्रैक्ट
इसके अलावा दो और बड़े कॉन्ट्रैक्ट दिए जा चुके हैं। EC-01 का कॉन्ट्रैक्ट SAM India को मिला है, जो युगे युगीन भारत स्टेशन के लिए है। वहीं EC-03 का काम Cemindia को सौंपा गया है, जिसमें सेंट्रल विस्टा इलाके में टनल और स्टेशन बनाने का काम शामिल है।
दिल्ली की मेट्रो होगी और मजबूत
यह नया कॉरिडोर वेस्ट, नॉर्थ, ओल्ड और सेंट्रल दिल्ली को बेहतर ढंग से जोड़ेगा। इन 10 मेट्रो स्टेशनों के शुरू होने से यात्रियों को ट्रैफिक से बचते हुए तेज़ी से सफर करने में मदद मिलेगी। इसके बाद फेज 5-B की योजना भी चल रही है, जिसमें 97 किलोमीटर नई लाइन और 65 स्टेशन बनाए जाने हैं। इससे दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क और भी मजबूत होगा।
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