परमिशन सिर्फ 6 कमरों की, बना डाले 28: मालवीय नगर के एक और होटल की हैरान करने वाली हकीकत उजागर दिल्ली 5 घंटे पहले 3
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिस स्टे होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई। जांच में पास के ग्रीन रेजिडेंसी होटल में भी निर्माण को लेकर बड़ी अनियमितता सामने आई है।

दिल्ली के मालवीय नगर में हुए एक दर्दनाक हादसे ने राजधानी समेत पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। यहां स्थित फ्लोरिस स्टे होटल में बुधवार को भीषण आग भड़क उठी, जिसमें जलकर 21 लोगों की मौत हो गई। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए होटल की खिड़की से छलांग लगा दी, जबकि कई घायल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। जिस होटल में आग लगी, वहां तो लापरवाही की हद देखने को मिली ही, लेकिन इससे करीब 100 मीटर दूर मौजूद ग्रीन रेजिडेंसी होटल के निर्माण में भी बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है।

होटल निर्माण में सामने आई बड़ी अनियमितता

मिली जानकारी के मुताबिक, मालवीय नगर इलाके में जिस होटल में आग लगने से 21 लोगों की जान गई, उसके पास बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत महज 6 कमरे चलाने की अनुमति थी, लेकिन होटल मालिक ने वहां 25 कमरे खड़े कर दिए थे। ठीक इसी तरह, आग वाले होटल से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर बने ग्रीन रेजिडेंसी होटल के मालिक को भी 6 कमरों की ही परमिशन दी गई थी, मगर उसने 28 कमरे बना डाले।

बेसमेंट में भी अवैध रूप से बने कमरे

मालवीय नगर का फ्लोरिस स्टे होटल देखते ही देखते किसी लाक्षागृह में तब्दील हो गया। ब्रेकफास्ट कर रहे 21 लोग पल भर में आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए। इस होटल में बहुत बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। जानकारी के अनुसार, फ्लोरिस स्टे के पास फायर डिपार्टमेंट का एनओसी तक नहीं था, यानी अग्नि सुरक्षा को लेकर होटल प्रबंधन ने गंभीर चूक की। होटल को केवल 6 कमरे बनाने की इजाजत थी, लेकिन मालिक ने 25 कमरे तैयार कर लिए। इतना ही नहीं, होटल के बेसमेंट में भी अवैध तरीके से कमरे बना दिए गए थे।

आखिर कैसे लगी आग?

अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई। यह आग सुबह करीब 8 बजे लगी। दरअसल बिल्डिंग के बाहर लगे तार में शॉर्ट सर्किट हुआ और उसकी चिंगारी इमारत के ग्राउंड फ्लोर तक पहुंच गई, जहां आग भड़क उठी। जब लोगों ने ग्राउंड फ्लोर का कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, तो आग बेसमेंट तक फैल गई। देखते ही देखते आग ने पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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