बिहार
एक घंटा पहले
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विचारों
क्या है बारहमासी नींबू की खासियत
दरभंगा के प्रगतिशील किसान मनोज झा का कहना है कि नींबू का इस्तेमाल हमारे दैनिक खानपान जैसे सलाद, सब्जी, चाय और अचार में होता है। बाजार में कई बार नींबू की कीमत 5 से 6 रुपये प्रति नग तक पहुंच जाती है। ऐसे में बारहमासी नींबू का पौधा लगाना एक स्मार्ट विकल्प है। इस किस्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें साल के 12 महीने फूल और फल लगे रहते हैं। एक ही पौधे पर आपको फूल, कच्चे और पके हुए नींबू एक साथ देखने को मिल सकते हैं, जिससे मौसम की परवाह किए बिना उत्पादन बना रहता है।
छत और गमले में भी संभव है खेती
बारहमासी नींबू की खेती के लिए बड़े खेत की अनिवार्यता नहीं है। इसे आसानी से घर की छत, आंगन या बालकनी में बड़े गमलों में लगाया जा सकता है। मनोज झा के मुताबिक, गमले में लगा पौधा करीब डेढ़ साल के भीतर पूरी तरह विकसित हो जाता है। एक छोटा पौधा भी शुरुआत में 10 से 25 नींबू तक देने में सक्षम होता है, जो किसी भी परिवार की रोजाना की जरूरत के लिए काफी है। जब पौधा बड़ा हो जाए, तो इसे जमीन में शिफ्ट करने से इसकी पैदावार में और भी तेजी आती है।
मुनाफे का गणित और कम लागत
सामान्य देसी नींबू का पौधा फल देने में 4 से 5 वर्ष का समय लेता है, जबकि बारहमासी ग्राफ्टेड किस्म करीब डेढ़ वर्ष बाद ही पैदावार शुरू कर देती है। एक पूर्ण विकसित पौधे से सालाना 300 से 350 नींबू तक प्राप्त किए जा सकते हैं। इस फसल की खास बात यह है कि इसमें खाद के रूप में गोबर का उपयोग और समय-समय पर हल्की छंटाई ही पर्याप्त है। इसमें कीट और रोगों का खतरा भी कम रहता है, जिससे किसानों और घरेलू स्तर पर खेती करने वालों का जोखिम न्यूनतम हो जाता है।
छोटे किसानों के लिए बेहतरीन विकल्प
मनोज झा के अनुसार, केवल 10 पौधे लगाकर भी नियमित आय का स्रोत तैयार किया जा सकता है। कम लागत और रखरखाव की सुगमता के कारण यह छोटे किसानों, गृहिणियों और रिटायर्ड व्यक्तियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। मिथिला की उपजाऊ मिट्टी इस फसल के लिए काफी उपयुक्त है, जिससे किसान न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं बल्कि इसे बाजार में बेचकर सालभर अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं।
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