बिहार
एक घंटा पहले
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महंगाई का असर अब हर क्षेत्र में साफ नजर आने लगा है। पेट्रोल-डीजल और एलपीजी से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजों तक के दाम चढ़ चुके हैं और अब इसका सीधा प्रभाव आम लोगों की यात्रा पर भी पड़ने जा रहा है। बिहार में सरकारी बस से सफर करने वालों को अब अपनी जेब और ढीली करनी होगी। बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने 1 जून 2026 से राज्य की सरकारी बसों के किराए में बढ़ोतरी का फैसला लागू कर दिया है। इसके चलते यात्रियों को अब उतनी ही दूरी तय करने के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।
दूरी के हिसाब से कितना बढ़ा किराया
नए आदेश के अनुसार यात्रा की दूरी के अनुपात में किराए में 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। 50 किलोमीटर तक की यात्रा पर 15 प्रतिशत, 100 किलोमीटर तक 14 प्रतिशत, 150 किलोमीटर तक 13 प्रतिशत, 200 किलोमीटर तक 11 प्रतिशत और 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय की गई है।
दरभंगा-मुजफ्फरपुर रूट पर सबसे ज्यादा असर
किराया बढ़ने का सबसे अधिक प्रभाव दरभंगा-मुजफ्फरपुर मार्ग पर देखने को मिलेगा। पहले इस रूट पर सेमी डीलक्स बस का किराया 90 रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 127 रुपये कर दिया गया है। वहीं डीलक्स बस का किराया 99 रुपये से बढ़ाकर 145 रुपये कर दिया गया है। इस तरह 70 किलोमीटर के इस सफर के लिए यात्रियों को अब 35 से 46 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने होंगे।
अन्य प्रमुख रूटों का नया किराया
दरभंगा-पटना मार्ग पर साधारण बस का किराया 250 रुपये से बढ़कर 282 रुपये हो जाएगा, जबकि डीलक्स बस का किराया 282 रुपये से बढ़ाकर 333 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा दरभंगा-लोकहा रूट पर किराया 142 से बढ़कर 161 रुपये और दरभंगा-बरडुला रूट पर 165 से बढ़कर 186 रुपये हो गया है।
आखिर किराया क्यों बढ़ाया गया
परिवहन विभाग का कहना है कि बीते 5 साल से किराए में कोई फेरबदल नहीं किया गया था। आखिरी बार इसमें संशोधन वर्ष 2021 में हुआ था। इस अवधि में डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़े, बसों की मरम्मत व रखरखाव की लागत में इजाफा हुआ और कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी हुई। ऐसे में संचालन की बढ़ती लागत को संभालने के लिए किराया बढ़ाना विभाग की मजबूरी बन गया।
किन लोगों पर पड़ेगी सबसे ज्यादा मार
इस फैसले की सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना अप-डाउन करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को उठानी पड़ेगी। दरभंगा-मुजफ्फरपुर रूट पर हर दिन हजारों लोग पढ़ाई, इलाज और काम-काज के सिलसिले में आना-जाना करते हैं। ऐसे यात्रियों के मासिक खर्च में 1000 से 1500 रुपये तक की बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है।
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