उपनाम: खेती की लागत
यूरिया और डीएपी का खर्च होगा कम, कृषि विभाग ने किसानों को दिया लागत घटाने का खास फार्मूला
खरीफ सीजन में धान की फसल के लिए यूरिया और डीएपी पर होने वाले भारी खर्च से बचने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को जैविक और नैनो उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी है।
खेत के खर-पतवार और फालतू घास को बनाएं कीमती खाद, किसान ने साझा किया दवा बनाने का आसान तरीका
बिहार के छपरा में किसान अब कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में घर पर ही जैविक खाद और घास गलाने वाली दवा तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और मिट्टी की सेहत में सुधार हो रहा है।
धान की खेती से पहले अपनाएं ये खास तकनीक, खाद का खर्च होगा कम और मिट्टी बनेगी उपजाऊ
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की रोपाई से पहले हरी खाद वाली फसलें उगाने की सलाह दी है। इससे न केवल रासायनिक खादों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि मिट्टी की सेहत में भी सुधार होगा।
धान की खेती में अजोला का कमाल: यूरिया का 30 प्रतिशत खर्च घटेगा, पशुओं को मिलेगा पौष्टिक चारा
धान की खेती करने वाले किसानों के लिए अजोला एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यह न केवल रासायनिक खाद पर होने वाले खर्च को कम करता है, बल्कि खरपतवार पर नियंत्रण पाने और पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का काम भी करता है।
बारिश शुरू होते ही घर पर तैयार करें केंचुआ खाद, घटेगी खेती की लागत, विशेषज्ञ ने बताया सरल तरीका
केंचुआ खाद विशेषज्ञ के अनुसार कम खर्च और कम जगह में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर किसान खेती की लागत घटा सकते हैं। प्री-मानसून बारिश शुरू होते ही इसे बनाने का काम आरंभ कर देना चाहिए।
रासायनिक DAP-NPK को टक्कर देगी यह देसी खाद, खेत की मिट्टी बनेगी उपजाऊ और लागत होगी लगभग शून्य
कृषि विभाग के उप-संचालक के अनुसार गोबर और जैविक अवशेषों से 'इंदौर विधि' द्वारा तैयार देसी खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और खेती की लागत को लगभग शून्य कर देती है।
किसानों को राहत: नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के छिड़काव पर मिलेगा 50% तक अनुदान, घटेगी खेती की लागत
उत्पादन लागत घटाने और फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके छिड़काव पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिल सकता है।
खाद की किल्लत से परेशान किसानों के लिए राहत, अपनाएं ये किफायती विकल्प और बढ़ाएं पैदावार
बुवाई के मौसम में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने पर किसानों को अक्सर खाद की कमी झेलनी पड़ती है। कृषि विभाग ने रासायनिक उर्वरकों की जगह कई सस्ते और कारगर विकल्प अपनाने की सलाह दी है।
गोबर से बनेगी जैविक खाद, किसानों की हर महीने होगी हजारों की अतिरिक्त कमाई
मध्य प्रदेश के प्रगतिशील किसान के अनुसार दुधारू पशुओं के गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर किसान खेती की लागत घटा सकते हैं और हर महीने 18 से 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं।
धान-गेहूं की जगह मूंग की खेती क्यों चुन रहे किसान? अंबाला के मनीष ने समझाया फायदे का गणित
महंगी होती धान-गेहूं की खेती से परेशान अंबाला के किसान मनीष कुमार ने सरकार की हरी खाद योजना से प्रेरित होकर दो एकड़ में मूंग की फसल लगाई है, जो कम समय में तैयार होकर मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है।
हरी खाद की यह फसल खेत में ही गलाएं, बेजान मिट्टी फिर उगलेगी सोना
ढैंचा की खेती हरी खाद के रूप में मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन और ऑर्गेनिक कार्बन की भरपूर मात्रा जोड़कर बंजर जमीन को उपजाऊ बना देती है, जिससे यूरिया और डीएपी का खर्च आधा हो जाता है।