12 बसों जितनी लंबी चीन की नई 'फिनलेस' न्यूक्लियर पनडुब्बी, बिना घूमे 360-डिग्री दागती है सुपरसोनिक YJ-18 मिसाइलें विश्व 2 घंटे पहले 2
शंघाई के एक गुप्त शिपयार्ड से सामने आई चीन की बिना टावर वाली न्यूक्लियर पनडुब्बी ने अमेरिकी पेंटागन समेत दुनिया भर की नौसेनाओं की नींद उड़ा दी है। पानी के भीतर ड्रैग को 33% तक घटाकर साइलेंट मोड में चलने वाली यह सबमरीन 360-डिग्री मारक क्षमता के साथ सुपरसोनिक YJ-18 एंटी-शिप मिसाइलें दाग सकती है।

चीन ने समंदर के नीचे एक ऐसा हथियार तैयार कर लिया है जिसे 'डॉन' कहा जा रहा है। यह एक 'फिनलेस' न्यूक्लियर पनडुब्बी है, जो इतनी विशाल है कि इसमें करीब 12 बसें समा सकती हैं। शंघाई के एक सीक्रेट शिपयार्ड से जैसे ही इसकी तस्वीरें सामने आईं, अमेरिकी पेंटागन समेत दुनिया भर की नौसेनाओं में खलबली मच गई। वजह साफ है — यह कोई आम सबमरीन नहीं, बल्कि पानी के भीतर छुपा वह किला है जो बिना अपनी दिशा बदले 360-डिग्री मारक क्षमता के साथ सुपरसोनिक YJ-18 मिसाइलें दाग सकता है। सबसे खास बात यह है कि इसके ऊपर से टावर यानी 'फिन' को पूरी तरह हटा दिया गया है।

आखिर क्या है यह 'फिनलेस' डिजाइन

किसी भी सामान्य पनडुब्बी के ऊपर लगा टावर पेरिस्कोप, रडार, कम्यूनिकेशन एंटेना और सेंसर को रखने का काम करता है। जब पनडुब्बी सतह पर आती है तो क्रू मेंबर इसी टावर पर खड़े होकर रास्ता देखते हैं। लेकिन चीन ने अपनी नई पनडुब्बी से इस टावर को पूरी तरह गायब कर दिया है। टावर न होने के कारण इसके सभी सेंसर और कम्यूनिकेशन सिस्टम को अब Hull यानी पनडुब्बी की मुख्य बॉडी के भीतर ही फिट किया गया है। माना जा रहा है कि यह सबमरीन पूरी तरह ऑटोमैटिक है और भविष्य में इसे बिना इंसानों के भी चलाया जा सकता है।

सुपर स्टेल्थ और जबरदस्त रफ्तार

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, टावर हटाने से पानी के भीतर पनडुब्बी का ड्रैग यानी घर्षण लगभग 33% तक घट जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि यह सबमरीन दुनिया की किसी भी दूसरी पनडुब्बी से कहीं अधिक तेज चल सकती है और पानी के नीचे 'साइलेंट मोड' में आगे बढ़ सकती है। इसे किसी भी सोनार या रडार से पकड़ पाना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है।

X आकार का रूडर और विशालकाय आकार

करीब 120 मीटर लंबी इस पनडुब्बी के पिछले हिस्से में X आकार का रूडर लगाया गया है, जो इसे बेहद कम जगह में भी तेजी से मुड़ने और दिशा बदलने की गजब क्षमता देता है। इसकी लंबाई को आसान भाषा में यूं समझ सकते हैं कि अगर सड़क पर चलने वाली 12 बड़ी बसों को एक के पीछे एक सीधा खड़ा कर दिया जाए, तो यह पनडुब्बी उतनी ही लंबी बैठती है। इतने विशाल लोहे के तैरते महल का बिना कोई आवाज पैदा किए निकल जाना अपने आप में इंजीनियरिंग का खतरनाक अजूबा है, और यही वजह है कि इसे समंदर का नया 'डॉन' कहा जा रहा है — जो चुपचाप अपने शिकार के करीब पहुंच जाता है और दुश्मन को संभलने तक का मौका नहीं देता।

360-डिग्री दागने वाला वर्टिकल लॉन्च सिस्टम

इस पनडुब्बी को सबसे ज्यादा घातक बनाती है इसकी वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) तकनीक। यह सिस्टम पनडुब्बी के ऊपरी फर्श के नीचे धंसा हुआ डिब्बों का एक ग्रिड होता है, जहां मिसाइलें खड़ी अवस्था में रखी जाती हैं। पुराने जमाने की पनडुब्बियों को मिसाइल दागने के लिए दुश्मन की ओर घूमना पड़ता था, जिससे उनकी पोजीशन उजागर हो जाती थी। लेकिन इस नई सबमरीन के पास 360-डिग्री मारक क्षमता है। इसकी मिसाइलें पानी के नीचे से सीधे ऊपर आसमान की तरफ छूटती हैं और हवा में पहुंचकर किसी भी दिशा में मुड़ सकती हैं। दुश्मन चाहे आगे हो या पीछे, यह पलक झपकते ही उस पर कहर बन सकती है।

इसी वर्टिकल सिस्टम से चीन की सबसे घातक एंटी-शिप क्रूज मिसाइल YJ-18 और अन्य क्रूज मिसाइलें दागी जाएंगी। ये मिसाइलें हवा में आवाज की रफ्तार से भी तेज चलती हैं और समंदर की सतह से सटकर उड़ती हैं ताकि दुश्मन के रडार इन्हें पकड़ न सकें।

फिनलेस सबमरीन की खतरनाक खूबियां

दुनिया भर की खुफिया एजेंसियां इस बिना टावर वाली पनडुब्बी को लेकर सतर्क हो गई हैं। एक्सपर्ट्स इसे महज एक सबमरीन नहीं, बल्कि पानी के नीचे तबाही मचाने वाला रोबोटिक किला मानते हैं, जिसके पास कई घातक क्षमताएं मौजूद हैं।

  • परफेक्ट स्टेल्थ: पारंपरिक पनडुब्बियों के टावर से पानी टकराने पर जो आवाज पैदा होती है, दुश्मन के खोजी जहाज उसी से उनका पता लगाते हैं। लेकिन फिनलेस डिजाइन के कारण यह पनडुब्बी बिना कोई सरसराहट किए पानी को चीरती हुई निकल जाएगी, जिसके आगे अमेरिकी सोनार भी फेल साबित हो सकते हैं।
  • उथले पानी में छिपने की ताकत: इसका X आकार का रूडर इसे ताइवान स्ट्रेट या दक्षिण चीन सागर जैसे कम गहरे और संकरे रास्तों में चट्टानों के बीच छुपकर पैंतरा बदलने की फुर्ती देता है, जहां भारी-भरकम अमेरिकी न्यूक्लियर सबमरीन जाने का जोखिम नहीं उठा सकतीं।
  • AI और ड्रोन पावर: इसमें इंसानी क्रू की जरूरत बहुत कम होगी। इसके सभी डिजिटल कैमरे और ऑप्ट्रोनिक सेंसर सीधे इसकी बॉडी में धंसे हुए हैं। कयास हैं कि यह बड़ी सबमरीन पानी के नीचे से कई छोटी 'ड्रोन पनडुब्बियों' (UUVs) को कमांड कर सकती है, जिन्हें दुश्मन के चक्रव्यूह को भेदने के लिए आगे भेजा जा सकता है।

चीन का सबमरीन बूम

यह रहस्यमयी पनडुब्बी ऐसे समय सामने आई है जब चीन समंदर के नीचे अपनी ताकत बढ़ाने में पूरी ताकत झोंक रहा है। डिफेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने पिछले 5 सालों में करीब 15 से 20 नई पनडुब्बियां समंदर में उतारी हैं, जिनमें 8 अलग-अलग क्लास की सबमरीन शामिल हैं। एक समय था जब चीन के पास सोवियत संघ की नकल पर बनी पुरानी और शोर मचाने वाली पनडुब्बियां थीं, लेकिन आज उसके पास 'शांग-क्लास' की न्यूक्लियर अटैक सबमरीन, 'जिन-क्लास' की बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन और 'युआन-क्लास' की एडवांस डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां हैं। इस नई फिनलेस सबमरीन के बड़े आकार को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह चीन के सबसे घातक और सीक्रेट 'टाइप 095' न्यूक्लियर-पावर्ड अटैक सबमरीन प्रोग्राम का हिस्सा हो सकती है।

अमेरिका देखता रह गया, चीन ने बाजी मारी

चीन की इस नई चाल ने पूरी दुनिया में सबमरीन डिजाइन की होड़ को एक बिल्कुल नए और खतरनाक दौर में पहुंचा दिया है। अब तक समंदर के नीचे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों — ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया यानी AUKUS — का दबदबा माना जाता था, क्योंकि उनकी न्यूक्लियर सबमरीन बेहद शांत और एडवांस मानी जाती थीं। लेकिन चीन की इस फिनलेस तकनीक ने अमेरिका को भी रक्षात्मक मोड में ला दिया है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी नौसेना भी अपने 'इन्फ्लेटेबल डिप्लॉयबल सेल' प्रोग्राम के तहत मिलती-जुलती तकनीक पर विचार कर रही थी, जिसमें टावर सिर्फ जरूरत पड़ने पर खुले और बाकी समय बंद रहे — मगर चीन ने इसका असली प्रोटोटाइप बनाकर बाजी मार ली।

चीनी सैन्य एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीजिंग अब सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उसका नया एजेंडा 'हंट-एंड-किल' मिशन का है — यानी समंदर के गहरे पानी में पनडुब्बियों को ढूंढ-ढूंढकर शिकार करना।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!