भारत
2 घंटे पहले
5
विचारों
किसानों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के कृषकों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के प्रयासों से मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना को धरातल पर उतारा गया है। इस योजना का एकमात्र उद्देश्य प्रदेश के मेहनती किसानों को बहुत ही कम ब्याज दर पर बैंकिंग सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक तनाव के खेती की गतिविधियों को सुचारू रूप से चला सकें।
क्यों जरूरी है यह योजना
खेती-किसानी के काम में खाद, बीज और उपकरण खरीदने के लिए अक्सर किसानों को पैसों की जरूरत पड़ती है। अब तक की स्थिति यह थी कि किसान जब निजी स्रोतों या अन्य माध्यमों से कर्ज लेते थे, तो उन्हें ग्यारह से बारह प्रतिशत तक का भारी-भरकम ब्याज चुकाना पड़ता था। कर्ज की ये ऊंची दरें किसानों की कमर तोड़ देती थीं और वे हमेशा कर्ज के दबाव तले दबे रहते थे। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार ने यह नई योजना शुरू की है।
ऋण की विशेषताएं और ब्याज दर
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका ब्याज दर ढांचा है। योजना के माध्यम से अब किसानों को बहुत ही किफायती दरों पर लोन मिल सकेगा। विभागीय अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत किसानों को केवल छह प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर कर्ज प्रदान किया जाएगा। इससे किसानों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी कम हो जाएगा और उन्हें अपनी फसल या अन्य कृषि कार्यों के लिए महंगी दरों पर कर्ज लेने की मजबूरी नहीं रहेगी।
अधिकतम ऋण की सीमा
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना में ऋण की एक निश्चित सीमा तय की गई है। इसके तहत किसान खेती से जुड़ी अपनी विभिन्न जरूरतों के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक का कर्ज प्राप्त कर सकते हैं। यह राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि संबंधी निवेश करने में अत्यंत मददगार साबित होगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचने में सहायता मिलेगी। जो किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे संबंधित विभागीय कार्यालयों में जाकर विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Comments
0 comment