राष्ट्रीय राजनीति
3 घंटे पहले
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विचारों
कैबिनेट में बदलाव के संकेत
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही केंद्र सरकार में बड़े फेरबदल की चर्चाएं राजनीति के गलियारों में तेज हो गई हैं। सरकारी सूत्रों की मानें तो केंद्रीय मंत्रिमंडल में करीब आधा दर्जन पद खाली होने की स्थिति बन रही है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मंत्रिपरिषद का विस्तार या फेरबदल किया जा सकता है।
मंत्रियों का इस्तीफा और फेरबदल की पृष्ठभूमि
इस पूरी हलचल की शुरुआत मंगलवार को केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के साथ हुई है। केवल वही नहीं, बल्कि उनसे पहले रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन भी अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। सरकार के भीतर चल रही इस उठापटक के कारण करीब ढाई साल बाद मोदी कैबिनेट में एक बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
राज्यसभा चुनाव और संगठन में बदलाव का असर
मंत्रिमंडल में यह फेरबदल केवल इस्तीफों तक सीमित नहीं है। पार्टी संगठन में हुए बदलावों का असर भी सरकार पर साफ नजर आ रहा है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- भारतीय जनता पार्टी ने हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को राज्यसभा के लिए दोबारा टिकट नहीं दिया है, जो उनके भविष्य को लेकर नए कयासों को जन्म दे रहा है।
- दिल्ली भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद हर्ष मल्होत्रा के भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बाहर होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन खाली पदों को भरने के लिए जल्द ही नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है, जिससे संगठन और सरकार के बीच बेहतर संतुलन बिठाया जा सके।
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