चरखी दादरी गैंगवार: मुख्य साजिशकर्ता अमरदीप का पुलिस के साथ मुठभेड़, दोनों पैरों में लगी गोली हरियाणा एक घंटा पहले 2
हरियाणा के चरखी दादरी में स्कॉर्पियो सवार लोगों पर फायरिंग करने वाले गैंग के मुख्य सरगना अमरदीप को पुलिस ने एक एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है। इस दौरान हुई गोलीबारी में आरोपी के पैरों में चोट आई है और उस पर पहले से ही 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गैंगवार के मुख्य आरोपी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

हरियाणा के चरखी दादरी में बीते 6 अगस्त को हुई एक सनसनीखेज वारदात के मुख्य साजिशकर्ता को पुलिस ने काबू कर लिया है। शहर के सिटी थाना के ठीक सामने स्कॉर्पियो गाड़ी पर की गई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में पुलिस की सीआईए टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस पूरे गोलीकांड का मास्टरमाइंड और साहूवास गैंग का सरगना अमरदीप, जिसे पंकज के नाम से भी जाना जाता है, अब पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान अमरदीप के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

मुठभेड़ का आंखों देखा हाल

डीएसपी कप्तान सिंह ने इस पूरे ऑपरेशन का विवरण देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार के निर्देशानुसार विशेष सीआईए टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई थीं। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि 6 अगस्त को हुए हमले का मुख्य सूत्रधार अमरदीप बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी में गांव गोपालवास के निकट श्मशान घाट के पास छिपा हुआ है। सूचना मिलने के तुरंत बाद सीआईए की टीम ने उस क्षेत्र की घेराबंदी शुरू कर दी।

जब सीआईए की गाड़ी मौके पर पहुंची, तो आरोपी ने वहां से भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन अमरदीप ने सीधे पुलिस दल पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। उसने पुलिस पर पहली बार में दो राउंड फायर किए। पुलिस की तरफ से उसे रुकने की चेतावनी दी गई, लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और उसने फिर से दो राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सीआईए के एएसआई विशाल को लगी, लेकिन उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिसकी वजह से उनकी जान बच गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी और जनमानस की सुरक्षा के मद्देनजर आत्मरक्षा में दो राउंड जवाबी फायर किए। ये गोलियां सीधे अमरदीप के दोनों पैरों में लगीं, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया और पुलिस ने उसे काबू कर लिया।

बरामदगी और आपराधिक इतिहास

पुलिस ने आरोपी अमरदीप के कब्जे से एक .30 बोर की तुर्की मेड ऑटोमैटिक पिस्तौल बरामद की है। इसके साथ ही मौके से 31 जिंदा कारतूस, 4 खाली खोल और दो मैगजीन भी पुलिस के हाथ लगी हैं। घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। अमरदीप के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उस पर पहले से ही 21 संगीन मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखना और पुलिस बल पर जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

रंजिश का नतीजा और आगे की कार्रवाई

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खूनी संघर्ष साहूवास गैंग और प्रदीप कासनी गैंग के बीच चल रही पुरानी दुश्मनी का परिणाम है। बदले की आग में जल रहे अमरदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर विरोधी गुट पर यह जानलेवा हमला किया था। इस फायरिंग में कुल 7 लोगों को गोलियां लगी थीं। इस दुखद मामले में घायल हुए कार्तिक की मौत पहले ही हो चुकी है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अमरदीप की गिरफ्तारी के बाद अब जांच में और भी कई अहम खुलासे होने की पूरी संभावना है। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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