बिहार
एक दिन पहले
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उत्तर बिहार में ऊर्जा का नया केंद्र
बिहार के छपरा जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। यहाँ उत्तर बिहार का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट बनकर तैयार हो गया है। मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला में स्थित यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में बिजली की कमी को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस प्लांट को 12 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
यह सोलर पावर प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस है और इसके कई लाभ क्षेत्रवासियों को मिलेंगे:
- यह एक 2.9 मेगावाट क्षमता वाला ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट है।
- इसका संचालन PKV Solar Private Limited द्वारा Havells के सहयोग से किया जा रहा है।
- यहाँ से उत्पादित बिजली सीधे पावर ग्रिड को भेजी जा रही है, जहाँ से इसे जरूरत के अनुसार वितरित किया जाएगा।
- इस पहल के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हुए हैं।
उद्योगों और कृषि को मिलेगी गति
इस सोलर प्लांट का मुख्य उद्देश्य बिजली की खपत और उत्पादन के बीच के अंतर को कम करना है। वर्तमान में बिजली की मांग अधिक और उत्पादन कम होने के कारण उद्योगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस प्लांट से मिलने वाली बिजली न केवल घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध होगी, बल्कि यह छोटे कुटीर उद्योगों और कृषि से जुड़े कार्यों के लिए भी पावर की कमी नहीं होने देगी। यह प्लांट प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है।
भविष्य की योजनाएं
इंजीनियर Nagamani Kumar के अनुसार, इस प्लांट का शुभारंभ किया जा चुका है और इससे बिजली की आपूर्ति भी शुरू हो गई है। भविष्य में इस क्षेत्र में और भी कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। विभाग की योजना के तहत, Parsa और Rasulpur Pakwan Inar के पास इस तरह के दो और सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे पूरे बिहार में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
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