महाराष्ट्र
2 घंटे पहले
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महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल
महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के संसदीय दल में एक बड़ा बिखराव सामने आया है। पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने नेतृत्व से बगावत कर दी है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर खुद को एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। बताया जा रहा है कि रविवार को ये सांसद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।
बागी सांसदों की सूची
इन 6 सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को स्वीकार करने का निर्णय लिया है। इनमें शामिल सांसद निम्नलिखित हैं:
- संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व)
- ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (धाराशिव)
- संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी)
- संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम)
- नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली)
- भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिरडी)
इस टूट के बाद अब उद्धव ठाकरे के खेमे में लोकसभा के केवल 3 सांसद शेष बचे हैं, जिनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे शामिल हैं।
कानूनी पेंच और प्रतिक्रियाएं
इस बगावत को राजनीतिक हलकों में ऑपरेशन टाइगर के नाम से संबोधित किया जा रहा है। बागी गुट ने खुद को दलबदल कानून से बचाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया है। दूसरी ओर, उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इन आरोपों को दोहराया है कि विपक्षी सांसदों को तोड़ने के लिए धन का प्रलोभन दिया जा रहा है। उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत ने भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि इन सांसदों को अलग गुट की मान्यता न दी जाए, क्योंकि व्हिप जारी करने का अधिकार अभी भी ठाकरे खेमे के पास है।
अगले कदम की प्रतीक्षा
रविवार को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं। यह घटनाक्रम न केवल शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले महा विकास अघाड़ी गठबंधन की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।
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