हरियाणा के इन 5 जिलों को NCR से बाहर करने की मांग पर फिरा पानी, नक्शा रहेगा बरकरार हरियाणा एक महीने पहले 26
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को प्रस्तावित बैठक के एजेंडे के अनुसार एनसीआर के मौजूदा 55,083 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे हरियाणा के पांच जिलों को बाहर निकालने की मांग ठंडे बस्ते में चली गई है।

दिल्ली-एनसीआर (NCR) के दायरे को सीमित करने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लगी है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की आगामी उच्च स्तरीय बैठक के एजेंडे से साफ है कि क्षेत्र की मौजूदा सीमा में फिलहाल किसी प्रकार का फेरबदल नहीं होने जा रहा।

क्या कहता है बैठक का एजेंडा

16 जून को होने वाली बैठक के एजेंडे के मुताबिक एनसीआर के वर्तमान 55,083 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। यानी एनसीआर का जो दायरा अभी तय है, वही आगे भी जारी रहेगा।

हरियाणा ने रखी थी पांच जिलों को बाहर करने की मांग

हरियाणा सरकार ने मई 2022 में अपने पांच जिलों को एनसीआर से बाहर करने का अनुरोध किया था। इन जिलों में जींद, भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और करनाल शामिल हैं। राज्य सरकार का तर्क था कि एनसीआर के सख्त नियमों से इन जिलों को फायदे की तुलना में नुकसान अधिक हो रहा है।

बोर्ड का रुख स्पष्ट

बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि हरियाणा के विस्तारित उप-क्षेत्र के लिए बनी 'सब रीजनल प्लान-2021' को वापस नहीं लिया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि एनसीआर का पुराना नक्शा ज्यों का त्यों कायम रहेगा और पांच जिलों को बाहर निकालने की मांग फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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