हरियाणा के इन 5 जिलों को NCR से बाहर करने की मांग पर फिरा पानी, नक्शा रहेगा बरकरार हरियाणा एक घंटा पहले 2
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को प्रस्तावित बैठक के एजेंडे के अनुसार एनसीआर के मौजूदा 55,083 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे हरियाणा के पांच जिलों को बाहर निकालने की मांग ठंडे बस्ते में चली गई है।

दिल्ली-एनसीआर (NCR) के दायरे को सीमित करने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लगी है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की आगामी उच्च स्तरीय बैठक के एजेंडे से साफ है कि क्षेत्र की मौजूदा सीमा में फिलहाल किसी प्रकार का फेरबदल नहीं होने जा रहा।

क्या कहता है बैठक का एजेंडा

16 जून को होने वाली बैठक के एजेंडे के मुताबिक एनसीआर के वर्तमान 55,083 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। यानी एनसीआर का जो दायरा अभी तय है, वही आगे भी जारी रहेगा।

हरियाणा ने रखी थी पांच जिलों को बाहर करने की मांग

हरियाणा सरकार ने मई 2022 में अपने पांच जिलों को एनसीआर से बाहर करने का अनुरोध किया था। इन जिलों में जींद, भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और करनाल शामिल हैं। राज्य सरकार का तर्क था कि एनसीआर के सख्त नियमों से इन जिलों को फायदे की तुलना में नुकसान अधिक हो रहा है।

बोर्ड का रुख स्पष्ट

बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि हरियाणा के विस्तारित उप-क्षेत्र के लिए बनी 'सब रीजनल प्लान-2021' को वापस नहीं लिया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि एनसीआर का पुराना नक्शा ज्यों का त्यों कायम रहेगा और पांच जिलों को बाहर निकालने की मांग फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!