उपनाम: हरियाणा सरकार
पेंशन के नाम पर रिश्वत की मांग, बल्लभगढ़ के किसान कुंवर दास की व्यथा
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में 61 वर्षीय किसान कुंवर दास सरकारी पेंशन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां उन्हें दलालों द्वारा रिश्वत के रूप में पेंशन की शुरुआती तीन किस्तें देने का दबाव बनाया जा रहा है।
धान की जगह उगाएं मक्का या मूंगफली, हरियाणा सरकार देगी 8,000 रुपये प्रति एकड़ का इनाम
हरियाणा सरकार की 'मेरा पानी मेरी विरासत' योजना के तहत धान छोड़कर कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें उगाने वाले किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराना यमुना जल विवाद सुलझा, लाखों लोगों को मिलेगा पीने का पानी
राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने दशकों पुराने यमुना जल विवाद को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति जताई है, जिससे राजस्थान के तीन जिलों में पेयजल की किल्लत दूर होगी।
हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: कॉमन कैडर को लेकर सरकार ने दिया विकल्प
हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों को कॉमन कैडर में रहने या इससे बाहर निकलने का एकमुश्त विकल्प दिया है। इस प्रक्रिया को 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच ऑनलाइन पूरा किया जाएगा।
हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला: टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव और 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य
हरियाणा मंत्रिमंडल ने हालिया बैठक में 14 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है, जिसमें नई ट्रांसफर पॉलिसी और आर्थिक लक्ष्यों को प्राथमिकता दी गई है।
विदेश यात्रा पर रोक, AC 24 से 26°C, तेल में कटौती... हरियाणा सरकार ने क्यों उठाए ये कदम
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच हरियाणा सरकार ने ईंधन बचत और खर्च घटाने के लिए गाइडलाइन जारी की है, जो सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसमें सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्रा पर रोक से लेकर देश में ही डेस्टिनेशन वेडिंग कराने की अपील तक शामिल है।
वैश्विक संकट के बीच हरियाणा में संसाधन बचत अभियान, सितंबर तक विदेश यात्रा और रैली-रोड शो पर रोक
रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया तनाव के बीच हरियाणा सरकार ने ईंधन और ऊर्जा बचत के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत सितंबर 2026 तक विदेश यात्राओं तथा रैली, रोड शो और वाहन जुलूसों पर रोक रहेगी।
हरियाणा के इन 5 जिलों को NCR से बाहर करने की मांग पर फिरा पानी, नक्शा रहेगा बरकरार
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को प्रस्तावित बैठक के एजेंडे के अनुसार एनसीआर के मौजूदा 55,083 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे हरियाणा के पांच जिलों को बाहर निकालने की मांग ठंडे बस्ते में चली गई है।