हरियाणा
2 घंटे पहले
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मुंबई में हरियाणा का बड़ा निवेश दांव
मुंबई में आयोजित हैपनिंग हरियाणा 2.0 कार्यक्रम के दौरान हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए एक बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में सरकार ने 66,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के औद्योगिक निवेश प्रस्तावों यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल राज्य में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।
गुरुग्राम पर निर्भरता कम करने की रणनीति
इस नई औद्योगिक नीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार अब अपना पूरा ध्यान केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं रखना चाहती है। अब सरकार की नजर पूरे हरियाणा के समान विकास पर है। राज्य सरकार का मानना है कि विकास की गति को प्रदेश के कोने कोने तक पहुंचाया जाना चाहिए ताकि आर्थिक लाभ सभी क्षेत्रों को मिल सके।
चार क्षेत्रों में बंटा हरियाणा
राज्य को औद्योगिक दृष्टि से चार अलग-अलग जोन्स यानी उत्तर, मध्य, दक्षिण और पश्चिम में विभाजित किया गया है। इस नई रणनीति के तहत हर जिले को उसकी क्षमता के आधार पर एक विशिष्ट औद्योगिक पहचान दी जा रही है। इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार की तलाश में बाहर के बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। अपने ही गृह नगर में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने से युवाओं का जीवन स्तर सुधरेगा और राज्य के हर जिले का औद्योगिक ढांचा मजबूत होगा।
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