1 जून को फिर निराशा: CBSE का री-इवैल्यूएशन पोर्टल बंद, 12वीं के छात्रों की मुश्किल बरकरार शिक्षा 3 महीने पहले 40
CBSE का 12वीं क्लास के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन पोर्टल तय तारीख 1 जून को भी शुरू नहीं हो सका। 4 लाख से ज्यादा छात्र आवेदन का इंतजार कर रहे हैं।

सीबीएसई की 12वीं क्लास के लिए शुरू होनेवाली री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अब तक पटरी पर नहीं आ सकी है। पहले इसे 29 मई से शुरू किया जाना था, मगर बाद में इसकी तारीख बदलकर 1 जून तय की गई। इसके बावजूद पोर्टल आज भी काम नहीं कर रहा है। छात्र लगातार री-इवैल्यूएशन पोर्टल खोलने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन यह खुल ही नहीं रहा। CBSE के आधिकारिक पेज पर फिलहाल 'अंडर मेंटेनेंस' का संदेश नजर आ रहा है, जिसमें कहा गया है कि यह सुविधा जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी।

कॉपी री-इवैल्यूएशन को लेकर CBSE पर लगे आरोप

छात्रों का कहना है कि सीबीएसई का AWS क्लाउड स्टोरेज बकेट सुरक्षित नहीं है और इसके चलते बिना किसी ऑथेंटिकेशन के डेटा तक पहुंचा जा सकता है। यह मामला सबसे पहले छात्र वेदांत की आंसर शीट के जरिए सामने आया। वेदांत को गलत आंसर शीट दिए जाने का आरोप बोर्ड पर लगा। इसके बाद तेजी से 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी-अपनी आंसर शीट की स्कैन्ड कॉपी के लिए आवेदन कर दिया। जब कई छात्रों की आंसर शीट में गड़बड़ी पाई गई, तब सीबीएसई और सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने पड़े।

कितने छात्र चाहते हैं री-इवैल्यूएशन?

बता दें कि 12वीं के लिए री-इवैल्यूएशन हेतु 4 लाख से ज्यादा छात्र आवेदन करना चाहते हैं। प्रक्रिया शुरू होते ही इन छात्रों की कॉपियों की दोबारा जांच की जाएगी। दूसरी ओर, लखनऊ हाईकोर्ट में CBSE के ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जल्दबाजी में लागू किए गए इस सिस्टम ने लाखों छात्रों के रिजल्ट को शक के दायरे में ला खड़ा किया है।

जिन छात्रों को अपनी आंसरशीट की चेकिंग, मार्किंग और टोटलिंग को लेकर कोई आपत्ति है, वे अब आवेदन कर सकेंगे। जिन छात्रों ने अपनी आंसरशीट की स्कैन की हुई कॉपी हासिल कर ली है, वे आंसरशीट री-वैल्यूएशन प्रोसेस के लिए आवेदन कर सकते हैं।

फीस में राहत के साथ CBSE का बड़ा बदलाव

छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों को देखते हुए CBSE ने पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की फीस में भी बदलाव किया है।

  • मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए छात्रों को 100 रुपये फीस चुकानी होगी। हालांकि, अगर कोई छात्र अपने आंसर भी जांच कराना चाहता है तो उसे प्रति प्रश्न 25 रुपये फीस देनी होगी।
  • अगर एक नंबर भी बढ़ता है तो बोर्ड इस प्रक्रिया की पूरी फीस वापस लौटा देगा।
  • कॉपी की दोबारा जांच के बाद मार्क्स घट भी सकते हैं। वहीं, अगर छात्र ज्यादा मार्क्स का हकदार है तो उसके नंबर बढ़ा दिए जाएंगे।
  • अगर किसी गलती को सुधारने के कारण छात्र के नंबर कम होते हैं तो मार्क्स उसी हिसाब से घटा दिए जाएंगे।
अनन्या जोशी पाबना की शिक्षा संवाददाता हैं, जो शिक्षा, परीक्षा और करियर से जुड़ी खबरें कवर करती हैं। प्रवेश परीक्षाओं, बोर्ड और करियर विकल्पों पर वे छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी देती हैं। उनका फोकस सही और समय पर मार्गदर्शन देने पर रहता है।

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