CBSE 12वीं: मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल हुआ शुरू, जानें आवेदन का पूरा तरीका शिक्षा 13 घंटे पहले 1
सीबीएसई ने कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल सक्रिय कर दिया है। आवेदन की विंडो 6 जून तक खुली रहेगी।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने कक्षा 12 के उन विद्यार्थियों के लिए री-इवैल्यूएशन पोर्टल चालू कर दिया है, जो अपने बोर्ड परीक्षा के अंकों की दोबारा जांच करवाना चाहते हैं। यह सुविधा फिलहाल उन्हीं छात्रों के लिए उपलब्ध है, जो अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका की स्कैन्ड कॉपी पहले ही प्राप्त कर चुके हैं। बोर्ड ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “प्यारे स्टूडेंट्स, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल अब LIVE है। मार्क्स के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने के स्टेप-बाय-स्टेप इंस्ट्रक्शन के लिए कृपया वीडियो ध्यान से देखें”।

विद्यार्थी आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। बोर्ड के अनुसार वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन की विंडो 6 जून तक खुली रहेगी। पोर्टल को सोमवार को लाइव होना था, लेकिन उस दिन यह अंडर मेंटेनेंस दिखा रहा था। इससे पहले री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया 29 मई से शुरू होनी थी, मगर तकनीकी खामियों की वजह से पोर्टल लॉन्च नहीं हो सका था।

विद्यार्थियों को चुकाना होगा यह शुल्क

पात्र अभ्यर्थी CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर लॉग इन करके उन सवालों को चुन सकते हैं जिन्हें वे चुनौती देना चाहते हैं और फिर ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन को आसानी से पूरा करने में मदद के लिए बोर्ड ने विस्तृत निर्देश भी साझा किए हैं। इस बार रिजल्ट के बाद की रिव्यू प्रक्रिया के लिए CBSE ने बदला हुआ फीस ढांचा लागू किया है।

  • जांची हुई उत्तर पुस्तिका की स्कैन्ड कॉपी: Rs 100 प्रति सब्जेक्ट
  • मार्क्स का वेरिफिकेशन: Rs 100 प्रति सब्जेक्ट
  • री-इवैल्यूएशन: Rs 25 प्रति सवाल

इन परिस्थितियों में मिलेगा रिफंड

इस साल के अहम बदलावों में से एक रिफंड पॉलिसी की शुरुआत है। यदि री-इवैल्यूएशन के बाद किसी विद्यार्थी के अंक बढ़ते हैं, तो जिन सवाल या सवालों के कारण अंक बढ़े हैं, उनके लिए ली गई री-इवैल्यूएशन फीस बोर्ड वापस कर देगा।

री-इवैल्यूएशन के बाद मिले अंक ही होंगे अंतिम

इस पहल से उन विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें लगता है कि उनके उत्तरों का सही आकलन नहीं हुआ था। CBSE ने स्पष्ट किया है कि री-इवैल्यूएशन के बाद विद्यार्थी के अंक बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं या पहले जैसे ही बने रह सकते हैं। इस दौरान किए गए किसी भी बदलाव को छात्र के आधिकारिक रिकॉर्ड में अपडेट किया जाएगा और उसे ही अंतिम परिणाम माना जाएगा। बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया का नतीजा अंतिम होगा, जिसे अभ्यर्थी को स्वीकार करना होगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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