राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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यात्रियों की सेहत से खिलवाड़
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा जारी की गई हालिया रिपोर्ट ने भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस रिपोर्ट में देश भर के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पोल खोल दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेशनों पर मिलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है और यह यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है।
कई स्टेशनों पर मिला ई-कोलाई बैक्टीरिया
CAG ने अपनी जांच के लिए 512 गैर-उपनगरीय स्टेशनों को चुना था। जांच के दौरान पानी की गुणवत्ता में भारी खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कोयंबटूर, पालक्काड, हैदराबाद, CSMT, कल्याण, लोनावला और मधुपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर लगे वाटर कूलर के पानी में ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। ये बैक्टीरिया पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
जांच में लापरवाही का आलम
रिपोर्ट का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि छह रेलवे जोन के 59 स्टेशनों पर पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच तक नहीं की गई। पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जो प्रोटोकॉल तय किए गए हैं, उनका पालन न होना रेलवे प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।
बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि स्टेशनों पर दी जाने वाली यात्री सुविधाओं की स्थिति भी खराब है। ऑडिट में पाया गया कि 458 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए निर्धारित न्यूनतम जरूरी सुविधाएं मानकों के अनुरूप नहीं हैं। ये सुविधाएं यात्रियों के लिए अनिवार्य हैं, लेकिन इनकी अनदेखी से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुधार के लिए सख्त सिफारिशें
इस पूरी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, CAG ने रेलवे प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि सभी स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता की व्यापक जांच तुरंत शुरू की जाए। साथ ही, निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में यात्रियों की सेहत के साथ कोई समझौता न हो।
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