राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
4
विचारों
पार्टी बनी मौत का मैदान
ओडिशा के ब्रह्मपुर से एक बेहद हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक कुख्यात गैंगस्टर की महफिल में शामिल होना उसके लिए काल साबित हुआ। शनिवार की रात को निमाखंडी इलाके में एक पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें कई लोग शामिल हुए थे। इसी पार्टी के दौरान गैंगस्टर तुना नायक और उसके दोस्त बिटु साहू के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि गैंगस्टर ने भरी महफिल में अपने फास्ट फूड दुकानदार दोस्त बिटु साहू को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटनाक्रम इतनी तेजी से घटा कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मामला पूरी तरह से बिगड़ चुका था।
अपमान का बदला और खौफनाक वारदात
सार्वजनिक तौर पर मिली बेइज्जती बिटु साहू के लिए बर्दाश्त से बाहर हो गई। थप्पड़ खाने के तुरंत बाद बिटु का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने मौके पर ही अपना आपा खो दिया और बिना किसी देरी के अपनी स्कूटी की डिग्गी की तरफ लपका। उस डिग्गी में पहले से ही एक खतरनाक चाकू रखा हुआ था। जैसे ही उसने डिग्गी से चाकू निकाला, वहां मौजूद लोग सकते में आ गए। बिटु ने बिना किसी संकोच के गैंगस्टर पर हमला कर दिया और उसका गला रेत दिया। हमले की गंभीरता इतनी अधिक थी कि तुना नायक की मौके पर ही मौत हो गई। खून से लथपथ गैंगस्टर का शव जमीन पर पड़ा था और पार्टी का माहौल पूरी तरह से मातम में बदल गया।
पुलिस की तत्परता और गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बिटु साहू अपनी स्कूटी लेकर वहां से फरार होने की फिराक में था। हालांकि, वह अपनी मंशा में सफल नहीं हो सका। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक अभिनव सोनकर के अनुसार, भागने के दौरान रास्ते में पुलिस ने चेकिंग की, जिसमें बिटु के कपड़े खून से सने हुए पाए गए। संदिग्ध कपड़ों को देखते ही पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू को भी मौके से बरामद कर लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाती है, जिसने कातिल को भागने का मौका नहीं दिया।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
फिलहाल निमाखंडी थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस हत्याकांड के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पार्टी में उस वक्त दो अन्य लोग भी मौजूद थे, जिनकी भूमिका पर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वे लोग इस हत्याकांड में पहले से शामिल थे या फिर सिर्फ मूकदर्शक बनकर पूरी घटना देखते रहे। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर वहां से जरूरी साक्ष्य जुटा लिए हैं। तुना नायक खुद कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और क्षेत्र में उसका काफी खौफ था। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि क्रोध और अहंकार का परिणाम कितना भयानक हो सकता है, जिसने एक गैंगस्टर के जीवन का अंत उसके ही मित्र के हाथों करा दिया।
Comments
0 comment