दिल्ली
7 घंटे पहले
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दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर हाई अलर्ट
दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का स्तर अभूतपूर्व कर दिया गया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित दौरे को देखते हुए राजधानी के प्रमुख होटलों, विशेषकर होटल मौर्या और ताज को एक छावनी में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने इन अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत और सख्त योजना को अंतिम रूप दे दिया है।
पुतिन के लिए चार स्तरीय सुरक्षा चक्रव्यूह
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से 4-लेयर का सुरक्षा कवच तैयार किया गया है। इस सुरक्षा घेरे की संरचना इस प्रकार है:
- पहला घेरा (क्लोज प्रोटेक्शन): यह सबसे आंतरिक घेरा है, जो पुतिन की सबसे करीबी सुरक्षा संभालेगा। इसमें उनकी अपनी क्लोज प्रोटेक्शन टीम शामिल होगी जो उनके हर मूवमेंट के दौरान साये की तरह उनके साथ रहेगी।
- दूसरा घेरा (इनर सर्कल): इस स्तर पर दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारी तैनात रहेंगे, जिनकी सीधी जिम्मेदारी होटल के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखने की होगी।
- तीसरा घेरा (मिडिल सर्कल): यहाँ दिल्ली पुलिस के प्रशिक्षित कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए जाएंगे, जो किसी भी बाहरी खतरे को रोकने में सक्षम होंगे।
- चौथा घेरा (आउटर सर्कल): यह बाहरी सुरक्षा घेरा है, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की होगी। होटल के आसपास की सड़कों और पूरे इलाके को इस घेरे के तहत कड़ी निगरानी में रखा गया है।
विदेशी सुरक्षा टीमों का समन्वय और तैयारी
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ रूस की अपनी निजी सुरक्षा टीम भी दिल्ली आ रही है। सूत्रों के अनुसार, उनके साथ करीब 25 से 30 कमांडो और सुरक्षा अधिकारी रहेंगे। जब भी वे होटल से बाहर निकलेंगे, उनकी अपनी टीम इस सुरक्षा घेरे में सबसे आगे होगी। इसी तरह की व्यापक व्यवस्था अन्य राष्ट्राध्यक्षों के लिए भी उनके संबंधित होटलों में की गई है। इन सभी होटलों की सुरक्षा का कुल नियंत्रण स्पेशल सीपी (क्राइम) के अधीन होगा। मुख्य कार्यक्रम स्थल 'भारत मंडपम' की सुरक्षा की कमान स्पेशल सीपी (स्पेशल सेल) को सौंपी गई है।
आगमन और रूट का पूरा खाका
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 11 सितंबर को दिल्ली पहुंचने की संभावना है। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंच सकते हैं। दोनों दिग्गज नेता पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरेंगे और वहां से सीधे अपने-अपने होटलों के लिए प्रस्थान करेंगे। चीन के राष्ट्रपति के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सुरक्षा की विशेष जिम्मेदारी संभाली है। होटलों की सुरक्षा व्यवस्था के समन्वय के लिए रूस और चीन की टीमें पहले ही दिल्ली पहुँच चुकी हैं और भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इन टीमों के पास अपने अत्याधुनिक हथियार और सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं।
होटल कर्मचारियों का गहन वेरिफिकेशन
सुरक्षा सिर्फ होटल के बाहर तक सीमित नहीं है, बल्कि भीतर काम करने वाले हर व्यक्ति की सूक्ष्म जांच की जा रही है। संबंधित होटलों के सभी कर्मचारियों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया गया है। इसमें न केवल उनके दिल्ली में रहने के रिकॉर्ड को खंगाला गया है, बल्कि उनके गृह राज्यों से भी उनका बैकग्राउंड चेक कराया गया है ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक की संभावना न रहे।
प्रशासनिक विभाजन और रूट मॉनिटरिंग
सुरक्षा प्रबंधों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली को कई सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी डीसीपी या एडिशनल डीसीपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। इसके अलावा, विदेशी मेहमानों के होटल से भारत मंडपम तक जाने वाले पूरे रूट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस रूट को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए कई बार रिहर्सल भी की जा चुकी है ताकि काफिला सुरक्षित तरीके से आ-जा सके। एयरपोर्ट से लेकर होटल तक का पूरा रास्ता हाई अलर्ट पर है और किसी भी अनचाही गतिविधि को रोकने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
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