विद्या बालन के को-स्टार रहे ये अभिनेता, कभी 30 रुपये में काटते थे पूरा दिन, चॉल में बीते दिन, अब फिल्मों और ओटीटी पर जमी धाक मनोरंजन एक घंटा पहले 1
जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले इस कश्मीरी पंडित अभिनेता ने थिएटर से शुरुआत कर फिल्मों और वेब सीरीज तक अपनी पहचान बनाई। संघर्ष के दिनों में कभी उन्हें दिन भर का खर्च सिर्फ 30 रुपये में चलाना पड़ता था।

थिएटर से शुरू हुआ सफर

फिल्म इंडस्ट्री के एक जाने-माने अभिनेता और थिएटर निर्देशक, जो जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखते हैं, आज ओटीटी की दुनिया में भी अपनी मजबूत पकड़ बना चुके हैं। अपने करियर की शुरुआत रंगमंच से करने वाले इस कलाकार ने 'काई पो चे', 'तुम्हारी सुलु', 'बदला', 'साइना' और 'अजीब दास्तान्स' जैसी फिल्मों में काम किया है।

विद्या बालन के साथ कर चुके हैं काम

हम बात कर रहे हैं अभिनेता मानव कौल की, जो विद्या बालन के साथ फिल्म में नजर आ चुके हैं। फिल्मों और वेब सीरीज के अलावा वह हिंदी साहित्य में भी एक चर्चित नाम हैं। उनकी किताबें 'तुम्हारे बारे में', 'प्रेम कबूतर' और 'अंतिमा' पाठकों के बीच खासी लोकप्रिय हैं।

बिना किसी सहारे के बनाई पहचान

मानव कौल ने बिना किसी गॉडफादर के, सिर्फ अपनी मेहनत के बूते इंडस्ट्री में अलग मुकाम हासिल किया है। उनकी जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। अपनी दमदार अदाकारी के लिए पहचाने जाने वाले मानव ने इस कामयाबी तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया है।

छोड़ना पड़ा अपना कश्मीर

आज लग्जरी जिंदगी जी रहे मानव ने कभी वह दौर भी देखा है, जब उन्हें अपना घर, अपनी पहचान और अपना कश्मीर तक छोड़ना पड़ा था। उनका बचपन कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बीता, लेकिन बाद में उनका परिवार भोपाल आकर बस गया। वह एक बेहतरीन तैराक भी रहे हैं।

अपने हालिया इंटरव्यू में मानव ने कश्मीर छोड़ने का दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि नई जगह पर खुद को ढालना आसान नहीं था। मानव ने कहा, 'मुझे अपनी कश्मीरियत को काटकर अलग करना पड़ा।' नई जगह पर उन्हें वह अपनापन नहीं मिल पाया।

30 रुपये में गुजरता था पूरा दिन

मुंबई में शुरुआती दिनों में उन्हें बहुत कुछ झेलना पड़ा। उस वक्त उन्हें दिन भर का खर्च सिर्फ 30 रुपये में चलाना पड़ता था। वह एक चॉल में रहते थे और छोटे-मोटे काम करके गुजर-बसर करते थे। इसके बाद ही उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा।

अपना थिएटर ग्रुप और फिल्मी सफर

साल 2004 में उन्होंने अपना थिएटर ग्रुप 'अरण्य' शुरू किया। इसके बाद लेखक, निर्देशक और अभिनेता के तौर पर वह लगातार खुद को साबित करते गए। साल 2003 में उन्होंने 'जजंतरम ममंतरम' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, लेकिन तब तक उन्हें असली पहचान नहीं मिल पाई थी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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