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3 घंटे पहले
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मॉस्को में क्या हुआ?
गुरुवार को यूक्रेन ने मॉस्को पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया। इस हमले में करीब 200 ड्रोन दागे गए, जिनका निशाना राजधानी की एक बड़ी तेल रिफाइनरी थी। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, रिफाइनरी में आग लगने के बाद आसमान में घने काले धुएं के बादल छा गए। इसके बाद रिहायशी इलाकों में काले, तैलीय कण बारिश की तरह गिरने लगे, जो किसी के लिए भी अजीब और डरावना नज़ारा था। इस पूरी घटना में मॉस्को के आस-पास के इलाकों में कम से कम 17 लोग घायल हो गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
हमले के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेज़ी से फैल गए। इन क्लिप्स में साफ देखा जा सकता था कि कारों की छत, खिड़कियों के शीशे और सड़कें एक चिपचिपी काली परत से ढक गई थीं। कुछ वीडियो में लोग उस तैलीय पदार्थ को उंगलियों से छूकर परख रहे थे। इन वीडियो ने दिखाया कि जहरीला कचरा किस तेज़ी से आस-पास के इलाकों में फैल गया।
नगर निगम ने क्या कहा?
इतने सारे वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने शुरुआत में पूरे मामले को कम करके पेश किया। उन्होंने सख्ती से इनकार किया कि शहर में कोई 'तेल की बारिश' हुई है। लेकिन दूसरी तरफ, शहर के आधिकारिक Telegram चैनलों ने ज़रूरी स्वास्थ्य चेतावनियां जारी कर दीं, जो इन अधिकारियों के बयान से बिल्कुल उलट थीं।
सरकार ने लोगों को क्या सलाह दी?
क्षेत्रीय सरकार ने दक्षिण-पूर्वी ज़िलों के निवासियों के लिए ये हिदायतें जारी कीं:
- ज़हरीली गैसों को सांस के ज़रिए अंदर जाने से रोकने के लिए घर की खिड़कियां बंद रखें।
- छोटे बच्चों वाले परिवार तुरंत प्रभावित इलाका छोड़ें।
- बुज़ुर्ग नागरिक और अस्थमा के मरीज़ भी बिना देरी किए वह इलाका खाली करें।
लोगों ने BBC को क्या बताया?
मॉस्को के रहवासियों ने BBC को बताया कि हल्की बारिश के दौरान उनके कपड़ों पर काले बदनुमा धब्बे पड़ गए। इस हमले ने रूस के बड़े पैमाने पर बिछे हवाई सुरक्षा नेटवर्क की भी कड़ी परीक्षा ली।
रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसी 24 घंटे की अवधि में देश भर में करीब 1,000 ड्रोन और कई cruise missiles को मार गिराया गया। इसके बावजूद, जलती रिफाइनरी से उठे धुएं और मलबे ने इस जंग का पर्यावरणीय असर सीधे मॉस्को के आम नागरिकों तक पहुंचा दिया।
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