मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
1
विचारों
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व सहायक महाप्रबंधक (AGM) अनिल कुमार जैन की लगभग 3.01 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया है। यह कार्रवाई 10 जून 2026 को की गई।
कैसे शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(b) के अंतर्गत आय से अधिक संपत्ति रखने से संबंधित है। सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की पड़ताल आगे बढ़ाई।
481 प्रतिशत अधिक संपत्ति
जांच में सामने आया कि 1 अप्रैल 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच अनिल कुमार जैन ने अपनी ज्ञात वैध आय की तुलना में लगभग 481 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। यह अनुपातहीन संपत्ति करीब 3.01 करोड़ रुपये आंकी गई, जो उनकी वैध कमाई से कहीं ज्यादा थी।
नकद जमा और एफडी का खेल
ईडी के अनुसार, अनिल कुमार जैन ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में करीब 2.35 करोड़ रुपये नकद जमा कराए। उन्होंने दावा किया कि यह राशि अचल संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त हुई थी, लेकिन इस दावे के समर्थन में वे कोई ठोस दस्तावेज या प्रमाण पेश नहीं कर सके।
जांच में यह भी पता चला कि इन नकद जमाओं को बाद में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में बदल दिया गया। इसके अतिरिक्त आरोपी ने 66 लाख रुपये की एफडी भी अनुपातहीन संपत्ति के रूप में अर्जित की थी।
Comments
0 comment