छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
3
विचारों
संसद भवन में अहम मुलाकात
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास और राज्य से जुड़े कई प्रमुख विषयों पर विस्तृत बातचीत हुई। मुख्यमंत्री साय ने न केवल प्रदेश की चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का ब्योरा दिया, बल्कि केंद्र सरकार से आगामी परियोजनाओं के लिए सक्रिय सहयोग और समर्थन का आग्रह भी किया। विशेष रूप से उन्होंने बस्तर संभाग में हो रहे सकारात्मक बदलावों और वहां की शांति एवं विकास की नई गाथा के बारे में प्रधानमंत्री को विस्तार से अवगत कराया।
तीन प्रमुख मुद्दों पर मांगा सहयोग
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के विकास के लिए तीन मुख्य मांगों पर जोर दिया:
- राजनांदगांव में यूरिया परियोजना: मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य स्तर की सभी जरूरी स्वीकृतियां भी पूरी कर ली गई हैं। यह प्लांट न केवल किसानों के लिए खाद की उपलब्धता आसान करेगा, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक गति को भी बढ़ाएगा।
- 461 गांवों का विद्युतीकरण: राज्य के उन 461 गांवों को, जहां सुरक्षा कारणों या भौगोलिक चुनौतियों के चलते अब तक मुख्य ग्रिड की बिजली नहीं पहुंच पाई है, उन्हें स्थायी ग्रिड से जोड़ने की मांग की गई। वर्तमान में इन गांवों में ऑफ-ग्रिड व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है, जिसे अब स्थायी समाधान में बदलने के लिए केंद्र सरकार की विशेष सहायता की आवश्यकता है।
- आयुर्वेद संस्थान की स्थापना: मुख्यमंत्री ने रायपुर या बस्तर क्षेत्र में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद यानी AIIA की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आग्रह किया है, ताकि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिल सके।
बस्तर की बदलती तस्वीर और सरकारी प्रयास
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष 'बस्तर विजन' का खाका रखा। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे लगभग 39 लाख लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। 'नियद नेल्ला नार 2.0' और 'बस्तर मुहिम' जैसी योजनाओं ने शासन और जनता के बीच की दूरी कम की है। अब राशन, जनधन, आयुष्मान भारत, वनाधिकार पत्र और प्रधानमंत्री आवास जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। इसके अलावा, दंतेवाड़ा मॉडल को अपनाते हुए ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है ताकि वहां के छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। स्वास्थ्य के मोर्चे पर 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के अंतर्गत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है। साथ ही जगदलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम मेडिकल कॉलेज के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, और राज्य में कई नए मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया जारी है।
बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
कभी नक्सल हिंसा के लिए चर्चित रहे बस्तर में अब विकास की नई गति दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही जगदलपुर में हवाई सेवाओं को नियमित और विस्तारित करने की दिशा में भी ठोस पहल की गई है। सिंचाई सुविधाओं के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण और इंद्रावती नदी पर बैराज परियोजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की समस्या दूर होगी।
पर्यटन और युवाओं की भागीदारी
बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर लाने के लिए 'बस्तर दशहरा' को ब्रांड बनाने का काम चल रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि हाल ही में आयोजित 'बस्तर ओलंपिक' में 4 लाख से अधिक युवाओं ने भागीदारी की, जो इस बात का प्रमाण है कि बस्तर अब शांति और विश्वास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
निवेश और महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियां
राज्य में औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के लागू होने के बाद से अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर प्लांट, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ और चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक उद्योग स्थापित हो रहे हैं। निवेश के लिहाज से छत्तीसगढ़ को नीति आयोग के 'इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स' में शीर्ष स्थान मिला है और राज्य ने देश का पहला 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026' लागू किया है। महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लक्ष्य से अधिक 10.42 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया गया है और अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अंत में, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को वर्ष 2027 में रायपुर में होने वाले 'लखपति दीदी सम्मेलन' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी दिया।
Comments
0 comment