उपनाम: लखपति दीदी
शिवपुरी की किन्ता शाक्य की कहानी: कैसे 5 बीघा जमीन वाली किसान बनीं 'लखपति दीदी'
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की किन्ता शाक्य ने सरकारी योजनाओं और मेहनत के दम पर अपनी तकदीर बदली है। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली किन्ता आज सालाना ₹2 लाख की अतिरिक्त कमाई कर रही हैं।
लखपति दीदी योजना: सालाना 1 लाख रुपये तक की कमाई का सुनहरा मौका, जानिए आवेदन की प्रक्रिया
सरकार की लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा माध्यम है। इस पहल के जरिए 3 करोड़ महिलाओं की सालाना आय को कम से कम 1 लाख रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
भाई की सलाह से बदली तकदीर: केले के रेशे से तैयार उत्पादों ने मनीषा को बनाया लखपति दीदी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक महिला ने केले के बेकार तनों से बेहतरीन उत्पाद बनाकर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी आय का जरिया खोल दिया है।
लाल किले से पीएम मोदी का संकल्प: एआई ट्रेनिंग, फ्री कोचिंग और विकसित भारत की नई रूपरेखा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए युवाओं, महिलाओं और रक्षा क्षेत्र के लिए कई बड़े एलान किए। उन्होंने आगामी समय में एआई ट्रेनिंग, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और विकसित भारत के निर्माण के लिए एक व्यापक खाका पेश किया।
लखपति दीदी बनने का शानदार अवसर, 17 दिन की ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को मिलेगी पशु सखी की नई पहचान
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए पशुपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने का बड़ा मौका आया है। ए-हेल्प योजना के तहत उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर पशु सखी के तौर पर तैयार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ के विकास और बस्तर पर की खास चर्चा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य की प्रमुख परियोजनाओं, बस्तर के विकास और औद्योगिक निवेश को लेकर केंद्र से विशेष सहयोग मांगा।
बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य, सम्राट चौधरी ने रखा विकास का खाका
मीडिया संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश, हर जिले में हवाई संपर्क और राजगीर-मुंगेर में डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाओं का खाका पेश किया।
बिना केमिकल के हर्बल साबुन बना रहीं जावेश्वरी साहू, सिर्फ 10 रुपये में बिक रहा उत्पाद
बालोद जिले के तरौद गांव की जावेश्वरी साहू बिना केमिकल वाले हर्बल साबुन तैयार कर रही हैं, जिनकी कीमत महज 10 से 20 रुपये है और मांग लगातार बढ़ रही है।
खंडवा में बतख पालन और एक्वा पार्क से बदली तस्वीर, 160 महिलाओं को मिला रोजगार का नया रास्ता
खंडवा जिले की नई पहल ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए उम्मीद बनकर उभरी है। बतख पालन और एकीकृत एक्वा मॉडल के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अंडों से कमाई की तैयारी कर रही हैं।