उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित अनियमितता की जांच कर रही SIT को एक बड़ा सुराग मिला है। जांच टीम को गणना कक्ष की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कई बार डिलीट किए जाने के संकेत मिले हैं। फिलहाल, DVR को जांच के लिए दिल्ली की एक लैब में भेजा गया है, ताकि डिलीट किए गए डाटा को रिकवर किया जा सके। मंदिर के कर्मचारियों, पदाधिकारियों और पुजारियों से भी पूछताछ जारी है।
सीसीटीवी डाटा में गड़बड़ी
जांच के दौरान, SIT को काउंटिंग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को मिटाए जाने के सबूत मिले हैं। इसके बाद DVR को दिल्ली की लैब में भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ पुराने डाटा को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।
250 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
जांच टीम मंदिर परिसर में कार्यरत 250 से अधिक कर्मचारियों और पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
- सभी से पूछताछ करके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
- मंदिर के पुजारियों से भी सवाल-जवाब हुए हैं।
- SIT कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया और उनकी जिम्मेदारियों की भी पड़ताल कर रही है।
- जांच अधिकारियों ने ट्रस्ट के कार्यालय का निरीक्षण भी किया और जरूरी दस्तावेज तथा जानकारी जुटाई।
आठ महीने का डाटा गायब, कई बार डिलीट होने का संदेह
पूर्व लेखाकार महिपाल ने पहले आरोप लगाया था कि उनके कार्यकाल के दौरान लगभग आठ महीने का सीसीटीवी डाटा डिलीट कर दिया गया था। अब जांच में यह आशंका सामने आई है कि रिकॉर्डिंग को एक से अधिक बार हटाया गया हो सकता है। इसकी पुष्टि के लिए तकनीकी जांच की जा रही है।
जांच अधिकारी उन लोगों से भी पूछताछ कर रहे हैं, जिन्होंने सीसीटीवी सिस्टम लगाया था। इसका मकसद यह जानना है कि रिकॉर्डिंग किसने और कब हटाई। इस मामले में कई लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिनकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है।
Gopal Rao और Dr. Anil Mishra भी संदेह के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट में आंतरिक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी Gopal Rao और Dr. Anil Mishra के पास थी। चूंकि नोटों की गिनती और उसकी निगरानी भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल मानी जाती थी, इसलिए जांच में उनकी भूमिका पर खास ध्यान दिया जा रहा है। SIT इन दोनों से पूछताछ कर रही है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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