उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में मिलने वाले दान और चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी का मुद्दा अब देश की सर्वोच्च अदालत तक जा पहुंचा है। अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने की गुहार लगाई है। पत्र में मांग की गई है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर अदालत की निगरानी में जांच कराई जाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के बाद उठी जांच की मांग
शिकायत में कहा गया है कि हाल ही में सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मंदिर के दान कोष से कथित तौर पर धन के दुरुपयोग और राशि के गायब होने के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।
CBI से जांच कराने का अनुरोध
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भरोसे से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। इसी वजह से उन्होंने आरोपों की सच्चाई परखने के लिए किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग रखी है। पत्र में कहा गया है कि अब तक किसी संज्ञेय अपराध की जांच के लिए एफआईआर दर्ज किए जाने की कोई जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि सीबीआई जैसी प्रमुख एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए और समय-समय पर अदालत में स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल कराई जाए। इसके साथ ही मंदिर में प्राप्त होने वाले दान, उसके लेखांकन, प्रबंधन और उपयोग से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की भी मांग की गई है।
'निष्पक्ष जांच से ही लौटेगा श्रद्धालुओं का विश्वास'
शिकायतकर्ता का दावा है कि निष्पक्ष और अदालत की निगरानी में होने वाली जांच से ही श्रद्धालुओं का खोया भरोसा फिर से बहाल हो सकेगा। सुप्रीम कोर्ट को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह एक शिकायत या प्रतिनिधित्व पत्र में लगाए गए आरोप और रखी गई मांगें हैं। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या जांच एजेंसियों द्वारा सत्यापन होना अभी बाकी है।
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