गुजरात
एक घंटा पहले
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गुजरात के आणंद की रहने वाली दो सगी बहनें अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करों के चंगुल में फंस गई थीं और तस्कर उन्हें लाओस तक ले गए थे। इस दौरान परिवार से उनका संपर्क पूरी तरह कट गया, जिससे परिजन बेहद परेशान हो उठे और उन्होंने सांसद से मदद की गुहार लगाई। सांसद मितेश पटेल ने ईमेल के जरिए विदेश मंत्रालय से सहायता मांगी और आखिरकार दोनों बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। अब दोनों को उनके घर लाया जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूरी तत्परता के साथ 'ऑपरेशन महीसागर 2.0' को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
दरअसल, आणंद की ये दोनों सगी बहनें रोजगार की तलाश में थाईलैंड गई थीं। वहां काम दिलाने का बहाना बनाकर उन्हें अवैध तरीके से लाओस भेज दिया गया। लाओस पहुंचते ही दोनों लड़कियां इंटरनेशनल ह्यूमन ट्रैफिकिंग के जाल में फंस गईं और उनका अपने परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। हताश और परेशान पीड़ित परिवार ने आणंद के सांसद मितेश पटेल से मदद मांगी। मामले की गंभीरता को भांपते हुए सांसद तुरंत हरकत में आए और 'ऑपरेशन महीसागर 2.0' की शुरुआत कर दी।
लाओस आर्मी ने छापेमारी कर छुड़ाया
सांसद मितेश पटेल ने बिना देर किए भारतीय विदेश मंत्रालय और लाओस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया। दूतावास के अधिकारियों ने लाओस की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर दोनों लड़कियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया। पुख्ता जानकारी मिलने और डिप्लोमैटिक दबाव बढ़ने के बाद लाओस आर्मी ने उस ठिकाने पर छापा मारा, जहां दोनों बेटियों को बंधक बनाकर रखा गया था। इस तरह लाओस आर्मी और भारतीय दूतावास ने मिलकर दोनों सगी बहनों को मानव तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
विदेश में फंसे लोगों को दूसरी बार बचाया
सांसद मितेश पटेल ने इस बारे में कहा कि हमारी दो बेटियां विदेश में मुसीबत में थीं और मानव तस्करी का शिकार होने की कगार पर थीं। उन्होंने बताया कि परिवार के संपर्क करते ही भारतीय दूतावास और स्थानीय सेना की मदद से तुरंत 'ऑपरेशन महीसागर 2.0' शुरू किया गया। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि दोनों बेटियां अब पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही अपने घर लौटेंगी।
यह पहला मौका नहीं है जब सांसद मितेश पटेल ने विदेश में फंसे गुजरात के नागरिकों को बचाया हो। इससे पहले अजरबैजान में फंसे युवाओं को निकालने के लिए 'ऑपरेशन महीसागर' चलाया गया था, और अब 'ऑपरेशन महीसागर 2.0' भी पूरी तरह कामयाब रहा है। दोनों बेटियों को सुरक्षित बचाने के बाद अब उन्हें भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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